MP Smart Meter Controversy/Image Credit: IBC24.in
MP Smart Meter Controversy: भोपाल: मध्य प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर सियासत गरमा गई है। ग्वालियर में कांग्रेस ने बिजली विभाग के दफ्तर का घेराव कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि नए मीटर आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। वहीं सरकार इसे बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की पहल बता रही है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि जिस योजना को सरकार जनता के हित में बता रही है, उसकी शुरुआत ऊर्जा मंत्री के अपने विधानसभा क्षेत्र से क्यों नहीं हुई?
नारेबाजी करते, पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर बिजली विभाग के दफ्तर का घेराव कर रहे कांग्रेस नेताओं की तस्वीरें ग्वालियर से सामने आई है। जहां बिजली विभाग के नए स्मार्ट प्री पेड मीटर के खिलाफ कांग्रेसियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। चूँकि विभाग के मंत्री प्रद्युम्न तोमर ग्वालियर के हैं, और ये इलाका भी उन्हीं का है, लिहाजा भारी पुलिस फोर्स तैनात हुई, (MP Smart Meter Controversy) लेकिन कांग्रेसी विरोध में डटे रहे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि- नया मीटर जनता का खून चूस रहा है। साथ ही कांग्रेस नेताओं ने ये आरोप भी मढ़ा कि- ग्वालियर दक्षिण और पूर्व विधानसभा में प्रीपेड मीटर लग रहे हैं लेकिन ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की विधानसभा में मीटर क्यों नहीं लग रहे?
इसमें कोई दो राय नहीं है कि नए मीटर से मंत्री तो छोड़िये भाजपा के विधायक भी डरे हुए हैं, क्यूंकि जनता उनके पास रोज़ शिकायतें लेकर आ रही है और बिजली का झटका चीन्ह चीन्ह कर देने की वज़ह जब IBC24 ने मंत्री जी से पूछी तो- उनका कहना है कांग्रेस का प्रदर्शन सियासी स्टंट है। साथ ही मंत्रीजी ये नहीं बताना भूले कि- कांग्रेस के दौर में बिजली की व्यवस्था कैसी थी?
सियासी वार-पलटवार के इतर एमपी में अब तक प्रयोग के तौर पर बीते 30 सालों में पांच तरह के मीटर लग चुके हैं। (MP Smart Meter Controversy) हर बार मीटर की कोई न कोई बढ़े हुए बिल की शिकायतें आई हैं और उसे कुछ अवधि के बाद बिजली कम्पनियों ने रिप्लेस कर दिया, लेकिन सवाल ये कि विकास की हर नई योजनाएं अपने इलाके में शुरू करने वाले मंत्री जी ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की शुरुआत अपनी विधानसभा से क्यूँ नहीं की? सवाल ये भी कि पोस्टपेड मीटर हटाकर स्मार्ट प्री पेड मीटर लगवाना क्या गरीब जनता अफोर्ड कर पाएगी?
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