शिवसेना (उबाठा) नेताओं ने नीट, सीबीएसई को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की

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शिवसेना (उबाठा) नेताओं ने नीट, सीबीएसई को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की

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  • Publish Date - May 29, 2026 / 01:11 PM IST,
    Updated On - May 29, 2026 / 01:11 PM IST

मुंबई, 29 मई (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेताओं ने शुक्रवार को नीट और सीबीएसई परीक्षा प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि इन विवादों ने शिक्षा प्रणाली की ‘‘अक्षमता’’ को उजागर किया है।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अलग-अलग बयानों में पार्टी के नेताओं आदित्य ठाकरे और संजय राउत ने विशेष रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को निशाना बनाया और कथित चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की 21 जून को होने वाली पुन: परीक्षा के प्रश्न पत्रों को पहुंचाने के लिए वायु सेना (आईएएफ) के इस्तेमाल की योजनाओं से संबंधित रिपोर्ट का जिक्र करते हुए राउत ने कहा कि ये योजनाएं शासन की ‘‘विफलता’’ को दर्शाती हैं।

‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राउत ने कहा कि सशस्त्र बल देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं न कि ‘‘एनटीए (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) और शिक्षा मंत्रालय की अक्षमता को छुपाते हैं’’।

उन्होंने कहा, ‘‘यह शासन की विफलता की शर्मनाक स्वीकारोक्ति है। वर्षों से नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों छात्रों के सपने चकनाचूर हो गए हैं और अब सरकार प्रश्नपत्रों को पहुंचाने के लिए वायुसेना का इस्तेमाल करना चाहती है।’’

आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को कहा था कि सरकार 21 जून को होने वाली नीट-यूजी परीक्षा का संचालन बिना किसी बाधा के सुनिश्चित करने के लिए वायु सेना (आईएएफ) की मदद से प्रश्न पत्रों को पहुंचाने की संभावना पर विचार कर रही है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में नयी दिल्ली में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस विकल्प पर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और इस विकल्प को अंतिम विचार के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा।

राउत ने आरोप लगाया कि व्यवस्था को सुधारने और दोषियों को दंडित करने के बजाय केंद्र सरकार सेना को ‘‘अस्थायी समाधान’’ के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है।

राज्यसभा सदस्य ने दावा किया, ‘‘परीक्षा की बुनियादी व्यवस्थाओं के लिए रक्षा मंत्री को शिक्षा मंत्री के साथ बैठकों की अध्यक्षता क्यों करनी पड़ रही है? इससे केवल एनटीए और शिक्षा मंत्रालय की अक्षमता उजागर होती है।’’

शिवसेना (उबाठा) नेता ने पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की तथा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करने के लिए सुधारों का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों को वास्तविक जवाबदेही मिलनी चाहिए।’’

ठाकरे ने कहा कि दोनों परीक्षाओं में ‘‘घोर अराजकता’’ हुई जो न केवल इन परीक्षाओं के संचालन में बोर्ड और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ‘‘अक्षमता’’ को दर्शाती है, बल्कि भारत के प्रतिभाशाली, मेहनती युवाओं की वैश्विक प्रतिष्ठा, विश्वास और रोजगार क्षमता को भी नुकसान पहुंचाती है।

उन्होंने केंद्र से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) में परीक्षाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को उनके पदों से नहीं हटाया जाता तब तक लाखों छात्रों और उनके परिवारों को ‘‘न्याय नहीं मिल सकता’’।

भाषा सुरभि शोभना

शोभना