भाजपा नेता ने जरांगे से अनशन शुरू नहीं करने की अपील की; ओबीसी संगठन प्रमुख ने विरोध की चेतावनी दी

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भाजपा नेता ने जरांगे से अनशन शुरू नहीं करने की अपील की; ओबीसी संगठन प्रमुख ने विरोध की चेतावनी दी

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  • Publish Date - May 29, 2026 / 12:40 PM IST,
    Updated On - May 29, 2026 / 12:40 PM IST

मुंबई, 29 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता प्रसाद लाड ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे से अपना प्रस्तावित अनिश्चितकालीन अनशन वापस लेने की शुक्रवार को अपील की, जबकि राष्ट्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महासंघ के अध्यक्ष बबनराव तायवाडे ने चेतावनी दी कि ओबीसी के आरक्षण को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन किए जाएंगे।

जरांगे ने घोषणा की है कि वह मराठा समुदाय की ‘‘अधूरी’’ मांगों को लेकर 30 मई से महाराष्ट्र में जालना जिले के अंतरवाली सराटी में अनशन शुरू करेंगे। यह स्थान मुंबई से करीब 400 किलोमीटर दूर है।

विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) लाड ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर जरांगे से भीषण गर्मी में अनशन नहीं करने की अपील की।

लाड ने कहा, ‘‘मैं अपना वादा निभाने आ रहा हूं… मैं समिति के अध्यक्ष को भी अपने साथ ला रहा हूं लेकिन मुझे एक भाई के नाते आपका वचन चाहिए। इस भीषण गर्मी में खुद को कष्ट मत दीजिए… अब अनशन करना आपके स्वास्थ्य के लिए असहनीय होगा। हम आपकी अपेक्षाएं पूरी करने आ रहे हैं… हमारे मराठा समुदाय को आपकी जरूरत है।”

जरांगे मांग कर रहे हैं कि सभी मराठाओं को कुनबी माना जाए। कुनबी कृषक जाति है, जो ओबीसी श्रेणी में शामिल है। मराठाओं को कुनबी माने जाने पर मराठा समुदाय के लोग सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण के पात्र हो जाएंगे। हालांकि, ओबीसी समुदाय को डर है कि मराठाओं को इस श्रेणी में शामिल करने से उनके आरक्षण पर असर पड़ेगा।

जरांगे ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि पिछले अनशनों से उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ा है लेकिन वह अपना आंदोलन जारी रखने को लेकर दृढ़ हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बहुत तकलीफ हो रही है। मेरे पेट में जलन हो रही है और मुझे बहुत दर्द हो रहा है। मैं अपने समुदाय के बच्चों के कल्याण के लिए इस हालत में भी चिलचिलाती धूप में खड़ा हूं। सरकार को कम से कम यह समझना चाहिए।’’

उन्होंने सरकार पर मराठा समुदाय के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘आप सत्ता में इसलिए आए क्योंकि मराठाओं ने बड़ी संख्या में आपको वोट दिया। फिर ऐसा अन्याय क्यों? ओबीसी और मराठाओं के बीच यह भेदभाव क्यों? अगर हमने कुछ गलत किया है तो हमें फांसी पर चढ़ा दीजिए लेकिन गरीब मराठाओं की जिंदगी क्यों बर्बाद कर रहे हैं?’’

जरांगे ने आरोप लगाया कि सरकार पहले लोगों की चिंताओं का समाधान करने के बजाय चुनावों और दलों की आंतरिक राजनीति में व्यस्त है। उन्होंने कहा, ‘‘आप अपनी राजनीति, चुनाव और उम्मीदवारों के चयन में व्यस्त हैं। आप लोगों को कब खुश करेंगे? गरीब लोग आपको कोसेंगे।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या वह अनशन वापस लेंगे, जरांगे ने कहा कि वह पहले सरकार के रुख और मंत्रियों द्वारा लाए जाने वाले प्रस्तावों का आकलन करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे देखने दीजिए कि सरकार का रुख क्या है, वे क्या अमल करते हैं और कौन-कौन आ रहा है लेकिन मैं आपको साफ बता रहा हूं कि 30 तारीख को अनशन निश्चित रूप से होगा। गरीबों के कल्याण के लिए यह अभूतपूर्व होगा।’’

इस बीच, तायवाडे ने संवाददाताओं से कहा कि ओबीसी समुदाय ‘‘देखो और इंतजार करो’’ की स्थिति में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ओबीसी समुदाय के आरक्षण पर असर पड़ा तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें जरांगे की मांगों या उनके आंदोलन से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन मूल ओबीसी आरक्षण को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। यदि ओबीसी आरक्षण में जरा भी कमी आती है तो समुदाय पूरे राज्य में जोरदार विरोध प्रदर्शन करेगा।’’

भाषा

सिम्मी मनीषा

मनीषा