अमान्य जाति प्रमाणपत्र के कारण शिवसेना (उबाठा) की पूर्व महापौर विशाखा राउत की पार्षद सदस्यता खत्म

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अमान्य जाति प्रमाणपत्र के कारण शिवसेना (उबाठा) की पूर्व महापौर विशाखा राउत की पार्षद सदस्यता खत्म

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  • Publish Date - September 7, 2026 / 06:20 PM IST,
    Updated On - September 7, 2026 / 06:20 PM IST

मुंबई, सात सितंबर (भाषा) पालघर जाति प्रमाणपत्र जांच समिति द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रमाणपत्र अमान्य किए जाने के बाद शिवसेना (उबाठा) नेता विशाखा राउत को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के पार्षद पद से अयोग्य घोषित कर दिया गया। महापौर ऋतु तावड़े ने सोमवार को नगर निकाय की आम सभा की बैठक में इसकी घोषणा की।

पिछले सप्ताह राज्य सरकार ने एक सरकारी आदेश (जीआर) जारी कर पूर्व मुंबई महापौर राउत को अयोग्य घोषित कर दिया था और उन्हें छह साल तक चुनाव लड़ने से भी रोक दिया था।

राउत दादर के वार्ड नंबर 191 से ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर निर्वाचित हुई थीं। उन्होंने पूर्व विधायक सदा सरवणकर की बेटी और शिवसेना उम्मीदवार प्रिया सरवणकर को 197 वोटों के मामूली अंतर से हराया था। राउत को 13,236 वोट मिले थे, जबकि सरवणकर को 13,039 वोट मिले थे।

नगर निगम की आम सभा की बैठक में इस घटनाक्रम की जानकारी देते हुए महापौर ऋतु तावड़े ने कहा कि जाति प्रमाणपत्र जांच समिति द्वारा उनका प्रमाणपत्र अमान्य किए जाने के बाद राउत अब पार्षद नहीं रहेंगी।

राउत महानगर में इस तरह की कार्रवाई का सामना करने वाली पांचवीं पार्षद हैं। अन्य लोगों में वार्ड नंबर 138 से निर्वाचित रोशन शेख और कुर्ला पूर्व के वार्ड नंबर 170 से जीतने वाली बुशरा नदीम मलिक शामिल हैं।

दोनों ने ओबीसी (महिला) वर्ग के लिए आरक्षित सीटों से चुनाव जीता था।

एआईएमआईएम के शमीर रमजान पटेल और शिवसेना (उबाठा) के दीपक सावंत को भी इसी तरह के आधार पर अयोग्य घोषित किया गया था।

पटेल गोवंडी के वार्ड नंबर 137 से निर्वाचित हुए थे, जबकि सावंत भांडुप के वार्ड नंबर 111 से जीते थे। दोनों सीटें ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित थीं।

भाषा तान्या रंजन

रंजन