छात्रों ने साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले की जांच कर रही आंतरिक समिति के पुनर्गठन की मांग उठायी

छात्रों ने साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले की जांच कर रही आंतरिक समिति के पुनर्गठन की मांग उठायी

छात्रों ने साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले की जांच कर रही आंतरिक समिति के पुनर्गठन की मांग उठायी
Modified Date: September 26, 2026 / 07:59 pm IST
Published Date: September 26, 2026 7:59 pm IST

मुंबई, 26 सितंबर (भाषा) साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या के एक सप्ताह बाद आईआईटी-मुंबई के छात्रों ने शुक्रवार रात कैंडल मार्च निकाला और इस मामले की जांच कर रही समिति के पुनर्गठन की मांग की। छात्रों ने आरोप लगाया कि मौजूदा समिति के कुछ सदस्यों ने आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के प्रति समर्थन जताया है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मुंबई के बोर्ड ने इस सप्ताह की शुरुआत में वाकोडे की कथित आत्महत्या से जुड़े हालात की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया था।

संस्थान के संकाय सदस्य डूला का नाम जातिगत भेदभाव और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों वाली प्राथमिकी में दर्ज है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आरोपी प्रोफेसर को पहले ही छुट्टी पर भेजा जा चुका है।

विरोध मार्च मुख्य द्वार स्थित ‘जस्टिस कॉर्नर’ से छात्रावास-4 तक निकाला गया। यह मार्च 18 सितंबर को वाकोडे की छात्रावास के कमरे में हुई मौत के एक सप्ताह पूरे होने के मौके पर निकाला गया।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की कि जांच समिति का पुनर्गठन किया जाए और इसमें आईआईटी मुंबई के मौजूदा कर्मचारियों या छात्रों को सदस्य नहीं बनाया जाए।

उन्होंने नयी समिति में चार प्रमुख हस्तियों में से कम से कम दो को शामिल करने की भी मांग की। इन हस्तियों में योजना आयोग के पूर्व सदस्य भालचंद्र मुंगेकर, पत्रकार पी. साईनाथ, सामाजिक कार्यकर्ता राम पुनियानी और शिक्षाविद् सुखदेव थोराट शामिल हैं।

छात्रों ने कहा कि आपराधिक जांच पूरी होने तक प्रोफेसर डूला को उनकी सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने आईआईटी-मुंबई के निदेशक श्रीश केदार के इस्तीफे की भी मांग की।

भाषा शफीक पवनेश

पवनेश


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