नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) सरकार ने सोमवार को कहा कि विमानन नियामक डीजीसीए ने पाया है कि मार्च 2025 की तुलना में जून 2026 में 72 घरेलू मार्गों पर औसत हवाई किराये में 20.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विमानन कंपनियों की परिचालन लागत बदलती रहती है और ऐसा कई कारणों से होता है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में विमान ईंधन की कीमत, विदेशी मुद्रा दरें, उत्पाद शुल्क, मूल्य वर्धित कर आदि शामिल हैं।
सिर्फ विमान ईंधन की कीमत ही विमानन कंपनी की कुल परिचालन लागत का 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा होता है।
उन्होंने कहा, ‘‘डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) ने पाया है कि मार्च 2025 की तुलना में जून 2026 में 72 घरेलू मार्गों पर औसत हवाई किराये में लगभग 20.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।’’
इन 72 मार्गों के बारे में जानकारी नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि हवाई किराया सरकार के नियमन के दायरे में नहीं आता हैं और हर कंपनी विभिन्न बातों को ध्यान में रखते हुए और विमान नियमावली, 1937 के नियम 135 का पालन करते हुए किराया तय करती है।
भाषा अविनाश सुभाष
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