ठाणे, तीन मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2016 में एक तेज रफ्तार टैंकर की चपेट में आने से जान गंवाने वाली 28 वर्षीय महिला के परिजन को 25.59 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
एमएसीटी सदस्य आर. वी. मोहिते ने मृतक के दो नाबालिग बच्चों और पति को यह राशि प्रदान की।
महिला घरेलू सहायिका के रूप में कार्य करती थी।
यह आदेश 25 फरवरी को दिया गया, जिसकी एक प्रति सोमवार को उपलब्ध हुई।
कोंगांव में आठ मई 2016 को भिवंडी-कल्याण मार्ग पार करते समय एक तेज रफ्तार टैंकर ने सुरेखा योगेश मोरे को कुचल दिया।
न्यायाधिकारण ने पाया कि महिला को टक्कर मारने वाले टैंकर को ‘‘तेजी से और लापरवाही से’’ चलाया जा रहा था, जिसके कारण उससे कुचलकर महिला की मौत हो गई।
कोंगांव पुलिस ने चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 279 और 304(ए) के तहत मामला दर्ज किया।
न्यायाधिकरण ने गौर किया कि दुर्घटना के बाद टैंकर मालिक को बीमा पॉलिसी जारी की गई थी।
हालांकि, न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी को निर्देश दिए कि वह मुआवजे का भुगतान करे और फिर वाहन मालिक से राशि वसूले।
न्यायाधिकरण ने कहा कि याचिकाकर्ता 25.59 लाख रुपये के मुआवजे के हकदार हैं और राशि का भुगतान याचिका की तारीख से नौ प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर के साथ किया जाना चाहिए।
भाषा यासिर वैभव
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