Uttarakhand News in Hindi: कीटनाशकों के बढ़ते खतरे पर उत्तराखंड सरकार का एक्शन, जांच के लिए भेजे फल–सब्जियों के सैंपल, आधिकारियों के दिए ये निर्देश

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  • Publish Date - April 30, 2026 / 02:28 PM IST,
    Updated On - April 30, 2026 / 02:28 PM IST

Uttarakhand News in Hindi | Photo Credit: @DIPR_UK

HIGHLIGHTS
  • उत्तराखण्ड में फल-सब्जियों के सैम्पल लेकर प्रयोगशाला जांच शुरू
  • किसानों और व्यापारियों को कीटनाशक दुष्प्रभावों पर जागरूक करने के निर्देश
  • अब तक 95 फलों के सैम्पल जांच के लिए भेजे गए

देहरादून: Uttarakhand News in Hindi फल-सब्जियों में कीटनाशक अवशेषों के प्रयोग को लेकर उत्तराखंड सरकार सख्त हो गई है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जहां एक ओर प्रदेश भर में फल–सब्जियों के सैम्पल लेकर प्रयोगशाला जांच की पहल शुरु की है, वहीं कृषि एवं उद्यान विभाग को भी पत्र भेजकर किसानों को कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने को कहा है।

Uttarakhand News मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश में इस समय चारधाम यात्रा चल रही है। साथ ही पर्यटन सीजन भी शुरु हो चुका है। इसलिए जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, खाद्य पदार्थों में मिलावट और हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल पर सख्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दिशा में सभी विभागों को मिलकर कार्य करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त सचिन कुर्वे की ओर से सचिव कृषि एवं उद्यान को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा समय-समय पर चलाए गए सर्विलांस अभियानों में खाद्य पदार्थों में कीटनाशकों के अवशेष पाए जाने की पुष्टि हुई है। पत्र में बताया गया है कि कृषि क्षेत्र में कीटनाशकों के अवैज्ञानिक उपयोग के कारण फल, सब्जियां एवं अन्य खाद्य पदार्थों में अवशेष तय मानकों से अधिक मिल रहे हैं, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। इसलिए इस विषय पर किसानों के बीच जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही फल सब्जी विक्रेताओं और स्थानीय मंडियों के व्यापारियों को भी इस बारे में जागरुक किए जाने की आवश्यकता है।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के उपायुक्त (मुख्यालय) गणेश कंडवाल ने बताया कि आयुक्त के दिशा निर्देशों के क्रम में विभाग ने प्रदेश भर में फलों के सैम्पल लेकर, प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। अब तक प्रदेश भर से आम, केला, पपीता, तरबूज जैसे फलों के 95 सैम्पल लिए जा चुके हैं। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

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उत्तराखण्ड सरकार ने यह पहल क्यों की है?

जन स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग पर रोक लगाने के लिए।

किन विभागों को जिम्मेदारी दी गई है?

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और कृषि एवं उद्यान विभाग।

अब तक कितने सैम्पल लिए गए हैं?

प्रदेशभर से 95 फलों के सैम्पल।