मुंबई, एक जून (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को डिजिटल युग में पत्रकारिता के समक्ष उत्पन्न अभूतपूर्व चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि किसी समाचार का मूल्य उसकी सत्यता में निहित होता है, ना कि उसके सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक वायरल होने में।
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुंबई हिंदी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि किसी खबर के बारे में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह नहीं है कि वह कितनी वायरल हुई, बल्कि यह है कि वह कितनी सत्य और विश्वसनीय है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल मंचों और सोशल मीडिया के विस्तार से मीडिया जगत में बड़ा बदलाव आया है। पहले प्रिंट और फिर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का दौर था, लेकिन आज सोशल मीडिया के माध्यम से हर व्यक्ति स्वयं को पत्रकार समझने लगा है।
फडणवीस ने मातृभाषा में शिक्षा के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि जिन देशों ने प्रगति की है, उन्होंने अपनी भाषाओं में शिक्षा देकर विकास हासिल किया है।
सत्यापन की बजाय गति को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पत्रकारिता वर्तमान में एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है।
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘मेरी मुख्य शिकायत डिजिटल मीडिया से है। पत्रकारिता के लिए यह एक बड़े बदलाव का दौर है, न कि इसका अंतिम चरण। असली सोना आग में तपाने के बाद भी चमकता है।’’
फडणवीस ने विश्वास व्यक्त किया कि पत्रकारिता अंततः उन मूल्यों की ओर वापस लौट आएगी जिनसे इसकी शुरुआत हुई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने पिछले दो शताब्दियों में सार्वजनिक विमर्श और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भाषा
राखी नरेश संतोष
संतोष