मुंबई, 10 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर राज्य सरकार की आलोचना करने वालों को धमकाने का शुक्रवार को आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह का आचरण शोभा नहीं देता।
सपकाल ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जनता और विपक्ष को सार्वजनिक धन के इस्तेमाल पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है।
फडणवीस ने बुधवार को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना के पास सुरंग के निकट हुए भूस्खलन को लेकर उठे सवालों के बीच परियोजना का जोरदार बचाव किया।
उन्होंने आलोचकों पर सोशल मीडिया पर किराए के ‘ट्रोल’ के जरिए झूठ फैलाने का आरोप लगाया और चेताया कि महाराष्ट्र को गलत जानकारी के जरिए बदनाम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सपकाल ने कहा, ‘‘किसी राज्य के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति को सवाल उठाने वालों को ‘किराए के एजेंट’ कहना या ‘मैं तुमसे निपट लूंगा’ जैसी धमकियां देना शोभा नहीं देता। आप महाराष्ट्र नहीं हैं।’’
सपकाल ने कहा कि ‘‘कुत्ते’’ और ‘‘किराए के एजेंट’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल महाराष्ट्र जैसे सभ्य राजनीतिक संस्कृति वाले राज्य के मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस द्वारा ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाए जाने के बाद फडणवीस ने गुस्से में ऐसी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का वित्तपोषण करदाताओं के पैसे से होता है और यदि इनमें अनियमितताओं के आरोप लगते हैं तो विपक्ष को जवाबदेही तय करने की मांग करने का पूरा अधिकार है।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना, समृद्धि एक्सप्रेसवे, आरक्षण और ‘लाडकी बहिन’ योजना जैसे मुद्दों पर भ्रामक दावे किए हैं। सपकाल ने मुख्यमंत्री को उनके साथ ‘नार्को एनालिसिस टेस्ट’ कराने की चुनौती भी दी।
भाषा आशीष रंजन
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