Bharat Ratna to Veer Savarkar || Image- अभिनव भारत पार्टी file
मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर को भारत रत्न देने के प्रस्ताव में हो रही देरी पर अपनी ही सरकार से सवाल उठाए। (Bharat Ratna to Veer Savarkar) उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद किसी भी पार्टी को अपनी विचारधारा नहीं बदलनी चाहिए।
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मुनगंटीवार ने सदन में कहा कि उन्होंने मार्च 2026 में वीर सावरकर को मरणोपरांत भारत रत्न देने का प्रस्ताव रखा था। विधानसभा अध्यक्ष ने उस समय इस पर जल्द विचार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन यह प्रस्ताव अब तक न तो बजट सत्र और न ही मानसून सत्र की कार्यसूची में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर ने अंग्रेजों के अत्याचार सहे थे और कम से कम उनकी स्मृति के सम्मान में इस प्रस्ताव पर देरी नहीं होनी चाहिए। मुनगंटीवार ने सवाल किया कि आखिर एक प्रस्ताव को पास करने में इतनी देर क्यों हो रही है।
भाजपा विधायक ने कहा कि यदि सरकार का इस मुद्दे पर रुख बदल गया है तो उसे स्पष्ट रूप से बताना चाहिए। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल से सरकार की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही कहा कि सावरकर की विचारधारा के लिए काम करने वाले कार्यकर्ता के रूप में उन्हें इस देरी से बेहद दुख हुआ है। (Bharat Ratna to Veer Savarkar) इस पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बताया कि यह प्रस्ताव कार्य मंत्रणा समिति (BAC) में चर्चा के लिए नहीं आया था, इसलिए इसे सदन के सामने नहीं रखा जा सका। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर काम कर रही है और अगले सत्र में बीएसी की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा कराई जाएगी।
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इसी तरह महाराष्ट्र में सामान नागरिक संहिता लागू किये जाने के संबंध में उन्होंने कहा, “यह जनता की आवाज़ है। हमारे देश में लोग कई सालों से सरकार से बार-बार कह रहे हैं कि कानून धर्म के आधार पर नहीं होने चाहिए, बल्कि कानून के सामने हर धर्म बराबर है। इस कानून को बनाने की मांग कई सालों से चल रही है। अब, सात सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई है। लॉजिक, मेरिट, लोगों की उम्मीदों, ज़्यादातर लोगों की राय और ग्लोबल कानूनी नियमों के आधार पर इस मामले पर सोच-विचार, चर्चा और विचार-विमर्श होगा। उसके बाद, कोई फ़ैसला लिया जाएगा। अगर किसी को कोई आपत्ति है, तो वे अपना नज़रिया और तर्क भी दे सकते हैं, यह तर्क देते हुए कि किसी खास धर्म को खास अधिकार क्यों दिए जाने चाहिए।”
Mumbai, Maharashtra: On the UCC, BJP MLA Sudhir Mungantiwar says, “This is the voice of the public. In our country, people have been repeatedly urging the government for several years now—laws should not be based on religion; rather, every religion is equal before the law. The… pic.twitter.com/AZUt5DPDJy
— IANS (@ians_india) July 10, 2026
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