अमरावती, 24 जनवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष टीम ने तिरुपति मंदिर के प्रसाद के रूप में दिये जाने वाले लड्डू में मिलावटी घी का इस्तेमाल करने के आरोपों की जांच पूरी कर ली है और स्थानीय अदालत में अंतिम आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। एजेंसी ने इसमें तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) कर्मचारियों, कुछ घी आपूर्तिकर्ताओं व अन्य लोगों को आरोपी बनाया है।
एक सूत्र ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “आरोप पत्र शुक्रवार को नेल्लोर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अदालत में दाखिल किया गया।”
विशेष जांच दल ने कई व्यक्तियों और घी आपूर्तिकर्ताओं को आरोपी बनाया। इससे पहले उसने आरोपियों की हिरासत लेने के लिए दाखिल अर्जी में दावा किया था कि मिलावटी घी ताड़ के तेल, ताड़ के बीज के तेल और पामोलिन जैसी सामग्री की मिलावट की गई थी।
रिपोर्ट में बताया गया कि घी की निम्न गुणवत्ता के साथ-साथ बीटा कैरोटीन, एसिटिक एसिड एस्टर, घी फ्लेवर और अन्य मिलावटों का इस्तेमाल प्रयोगशाला परीक्षण के परिणामों को प्रभावित करने व मिलावटी घी में सुगंध बनाए रखने के लिए किया गया था।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सितंबर 2024 में दावा किया था कि राज्य में वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान तिरुपति लड्डू (पवित्र मिठाई) बनाने में पशु वसा का इस्तेमाल किया गया था, जिससे एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
भाषा जितेंद्र धीरज
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