ग्रामसभा में अधिकारियों को दी जाने वाली ‘रिश्वत दर की सूची’ पर चर्चा का वीडियो वायरल

ग्रामसभा में अधिकारियों को दी जाने वाली ‘रिश्वत दर की सूची’ पर चर्चा का वीडियो वायरल

ग्रामसभा में अधिकारियों को दी जाने वाली ‘रिश्वत दर की सूची’ पर चर्चा का वीडियो वायरल
Modified Date: August 22, 2026 / 08:48 am IST
Published Date: August 22, 2026 8:48 am IST

लातूर, 22 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के लातूर जिले की एक ग्रामसभा का एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें सरपंच और अन्य लोग सरकारी सहायता हासिल करने के लिए अधिकारियों को दी जाने वाली कथित ‘रिश्वत की दर सूची’ पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं।

प्राधिकारियों ने सरपंच से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है और उनसे अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने को कहा है।

यह वीडियो कथित तौर पर 17 अगस्त को चाकुर तहसील के अटोला गांव में बनाया गया था।

वीडियो में नजर आ रहा है कि सरपंच से जब लोगों ने पूछा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्राम पंचायत उनसे पैसे क्यों मांगती है तो उन्होंने कथित तौर पर दावा किया कि पंचायत समिति के सदस्य और अधिकारी रिश्वत मांगते हैं।

सरपंच ने कहा कि रोजगार गारंटी योजना के तहत कुएं की मंजूरी के लिए 20,000 रुपये की रिश्वत देनी पड़ती है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह, मवेशियों के लिए ‘शेड’ की मंजूरी के लिए कथित तौर पर 7,000 रुपये लिए जाते हैं, जबकि आवास और अन्य सरकारी योजनाओं के लिए भी तय रकम मांगी जाती है।

उन्होंने कहा कि कुएं की मंजूरी के लिए पंचायत समिति स्तर पर 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी जाती है जिसमें से 5,000 रुपये मकान कर और जल कर के बकाये में समायोजित किए जा सकते हैं और इसके बाद लाभार्थियों को पंचायत समिति के कर्मचारियों को कथित तौर पर 15,000 रुपये देने पड़ते हैं।

वीडियो में सरपंच को माइक्रोफोन पर यह कहते भी सुना जा सकता है कि ग्रामसभा की इस कार्यवाही को रिकॉर्ड कर सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि ‘‘पूरी दुनिया को इसका पता चले।’’

चाकुर पंचायत समिति के खंड विकास अधिकारी संताजी माने ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मैंने सरपंच से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है और उनसे तीन दिन के भीतर सबूत पेश करने या यह बताने को कहा है कि उन्होंने किसे और कब पैसे दिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मैंने लोगों से यह भी अपील की है कि पंचायत समिति में किसी काम के लिए किसी को पैसे न दें। अगर कोई पैसे की मांग करता है तो वे सीधे मुझसे या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत करें।’’

भाषा सिम्मी शोभना

शोभना


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