वन्यजीव संस्था का पेड़ की नयी प्रजाति खोजने का दावा, रश्मि ठाकरे के नाम पर रखा नाम

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वन्यजीव संस्था का पेड़ की नयी प्रजाति खोजने का दावा, रश्मि ठाकरे के नाम पर रखा नाम

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 05:52 PM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 05:52 PM IST

मुंबई, 11 जुलाई (भाषा) शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे तेजस ठाकरे की अगुवाई वाली एक वन्यजीव संरक्षण संस्था ने शरीफा (सीताफल) कुल से संबंधित बेहद खूबसूरत फूलों वाले एक छोटे पेड़ ‘माइट्रेफोरा’ की एक नयी प्रजाति खोजने का दावा किया है।

संस्था ने इस नयी प्रजाति का नाम उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे के नाम पर ‘माइट्रेफोरा रश्मिए’ रखा है। यह दुर्लभ खोज अरुणाचल प्रदेश की सुबनसिरी घाटी के सुदूर जंगलों में की गई है।

ठाकरे वन्यजीव संस्था ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर इस संबंध में जानकारी साझा की।

संस्था ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘हमने इस प्रजाति का नाम श्रीमती रश्मि ठाकरे के सम्मान में ‘माइट्रेफोरा रश्मिए’ रखा है। यह नाम उन्हें तेजस ठाकरे के बचपन में प्रकृति के प्रति कौतूहल जगाने, जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के वर्गीकरण विज्ञान (टैक्सोनॉमी) के प्रति उनके आजीवन जुड़ाव को बढ़ावा देने तथा इस वन्यजीव संस्था की स्थापना और विकास में उनके निरंतर सहयोग के लिए समर्पित है।’

संस्था ने बताया कि यह विशिष्ट प्रजाति वर्तमान में केवल एक ही पेड़ के रूप में मिली है।

पूर्वी हिमालयी जैव-विविधता हॉटस्पॉट (ऐसा क्षेत्र जहां प्रचुर मात्रा में जीव और वनस्पतियां पाई जाती हैं) से दर्ज की गई ‘माइट्रेफोरा’ की यह केवल दूसरी प्रजाति है।

अपनी दुर्लभता के अलावा, यह पेड़ अपने फूलों की अनूठी और असाधारण बनावट के लिए भी खास है।

संस्था के अनुसार, यह अपने कुल का एकमात्र ऐसा ज्ञात पेड़ है जिसमें नर और उभयलिंगी दोनों तरह के फूल एक ही पेड़ पर आते हैं।

तेजस ठाकरे एक वन्यजीव संरक्षणवादी और शोधकर्ता हैं तथा उनकी यह संस्था प्राणि विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में काम करती है।

भाषा सुमित नेत्रपाल

नेत्रपाल