शिवाजी महाराज न होते तो इतिहास अलग होता: फडणवीस

शिवाजी महाराज न होते तो इतिहास अलग होता: फडणवीस

शिवाजी महाराज न होते तो इतिहास अलग होता: फडणवीस
Modified Date: February 19, 2026 / 04:05 pm IST
Published Date: February 19, 2026 4:05 pm IST

पुणे, 19 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘स्वराज्य’ की स्थापना में छत्रपति शिवाजी महाराज के दूरदर्शी नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यदि वह नहीं होते, तो इतिहास अलग होता।

फडणवीस ने पुणे जिले के शिवनेरी किले में मराठी योद्धा की 396वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के किले विरासत स्थल हैं और अब दुनिया इस तथ्य को मान्यता देती है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे एवं सुनेत्रा पवार ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें पुणे स्थित शिवनेरी किले में श्रद्धांजलि दी।

मराठा साम्राज्य के संस्थापक शिवाजी महाराज का जन्म 1630 में पुणे जिले के शिवनेरी में हुआ था।

छत्रपति शिवाजी महाराज के जयंती समारोह में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग किले में एकत्र हुए।

फडणवीस ने इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि छत्रपति शिवाजी महाराज का आशीर्वाद एवं प्रेरणा राज्य के लोगों का मार्गदर्शन करती रहेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर छत्रपति शिवाजी महाराज न होते तो इतिहास बहुत अलग होता। महाराज ने 18 अलग-अलग जातियों के मावला (पैदल सैनिकों) को एकजुट किया और एक सेना बनाई, जिसके परिणामस्वरूप स्वराज्य की स्थापना हुई।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवाजी महाराज ऐसे पहले शासक थे जिन्होंने यह समझा कि शत्रु कहां से आ सकता है और समुद्री मार्ग से आ सकने वाले खतरों को भांपते हुए उन्होंने राज्य की सुरक्षा के लिए समुद्री किले बनवाए थे।

फडणवीस ने कहा, ‘‘ये विश्व धरोहर स्थल हैं और इस तथ्य को अब पूरी दुनिया ने मान्यता दी है। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलना होगा।’’

मुख्यमंत्री ने विमान हादसे में जान गंवाने वाले उपमुख्यमंत्री अजित पवार को याद करते हुए कहा कि उन्हें शिवनेरी किले से गहरा लगाव था।

फडणवीस ने कहा, ‘‘मैंने उन्हें वचन दिया था कि महाराष्ट्र के किलों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।’’

मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्रियों ने शिवनेरी में ‘पालना समारोह’ सहित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। ‘पालना समारोह’ महान राजा शिवाजी के जन्म और नामकरण संस्कार का प्रतीक है।

इससे पहले, पुलिस ने बताया था कि शिवनेरी किले में बृहस्पतिवार तड़के भारी भीड़ के बीच धक्का-मुक्की के कारण तीन लोग घायल हो गए।

भाषा सिम्मी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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