4th Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल आज किस रूप में मनाया जाएगा दूसरा या चौथा? जानिए कब करें पूजा और कौन सा मुहूर्त रहेगा सबसे शुभ

4th Bada Mangal 2026: आज ज्येष्ठ माह का बड़ा मंगल मनाया जा रहा है। लेकिन भक्तों को कन्फ्यूजन है कि यह दूसरा है या चौथा। इसके अलावा आज पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि यहां दी गई है। बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए विशेष भोग और उपाय भी जान सकते हैं।

4th Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल आज किस रूप में मनाया जाएगा दूसरा या चौथा? जानिए कब करें पूजा और कौन सा मुहूर्त रहेगा सबसे शुभ

(4th Bada Mangal 2026/ Image Credit: IBC24 News)

Modified Date: May 26, 2026 / 11:17 am IST
Published Date: May 26, 2026 11:13 am IST
HIGHLIGHTS
  • ज्येष्ठ माह को बजरंगबली का प्रिय महीना माना जाता है
  • इस साल अधिक मास के कारण 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं
  • आज को लेकर “दूसरा या चौथा मंगल” का कन्फ्यूजन बना हुआ है

4th Bada Mangal 2026 Puja Vidhi: इस समय हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना ज्येष्ठ चल रहा है। जिसे भीषण गर्मी का समय माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से इस माह का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि यह महीना हनुमान जी को अत्यंत प्रिय है। क्योंकि इसी समय भगवान राम और हनुमान जी की पहली भेंट हुई थी। इसलिए भक्तों का विश्वास है कि इस माह में हनुमान जी अपने भक्तों की पुकार जल्दी सुनते हैं। मंगलवार का दिन विशेष रूप से हनुमान जी को समर्पित होता है। इसी कारण ज्येष्ठ माह के मंगलवारों को ‘बड़ा मंगल‘ कहा जाता है।

ज्येष्ठ माह में अधिक मास का संयोग

इस वर्ष ज्येष्ठ माह में अधिक मास का संयोग बनने के कारण बड़ा मंगल की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। आज का दिन ज्येष्ठ माह का चौथा मंगलवार है। लेकिन अधिक मास 17 मई 2026 से शुरू होने के कारण इसे ज्येष्ठ अधिक मास का दूसरा मंगलवार भी माना जा रहा है। भक्त हर मंगलवार हनुमान जी की पूजा करते हैं। लेकिन ज्येष्ठ माह के मंगलवार को विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन मंदिरों में भारी भीड़ देखने को मिलती है और भक्त हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करते हैं।

बड़ा मंगल के शुभ मुहूर्त

आज पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:03 से 4:44 तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त 11:51 से 12:46 तक, जबकि विजय मुहूर्त 2:36 से 3:31 तक शुभ माना गया है। गोधूलि मुहूर्त शाम 7:10 से 7:30 तक रहेगा। अमृत काल रात 11:29 से अगले दिन 27 मई दोपहर 1:13 तक रहेगा। इसके अलावा निशिता मुहूर्त रात 11:58 से 12:39 तक रहेगा। जिसे विशेष रूप से पूजा के लिए शुभ माना जाता है।

पूजा विधि

भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और स्वच्छ वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लेते हैं। पूजा स्थान पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित किया जाता है। उन्हें सिंदूर का लेपन किया जाता है और गेंदे के फूलों की माला अर्पित की जाती है। इसके बाद दीपक जलाकर हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ किया जाता है। प्रसाद के रूप में बेसन के लड्डू, बूंदी या गुड़-चने का भोग लगाया जाता है और इसे सभी भक्तों में बांटा जाता है।

हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय

मान्यता है कि बड़े मंगल पर कुछ विशेष उपाय करने से हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं। भक्त मोतीचूर लड्डू, चूरमा और तुलसी दल का भोग लगाते हैं। सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा ‘ॐ श्री हनुमते नमः’ मंत्र का अधिक से अधिक जाप करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा का सात बार पाठ करने पर जीवन की बाधाएं दूर होने की मान्यता है और रुके हुए सभी कार्य पूरे होते हैं।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।