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नई दिल्ली: 6 फरवरी 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है। शुक्रवार का संबंध माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से होता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से लक्ष्मी जी की पूजा करने से धन, वैभव और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है और शुक्र दोष से मुक्ति मिलने के योग बनते हैं। प्रेम, सौंदर्य और भौतिक सुखों के कारक शुक्र ग्रह का प्रभाव इस दिन विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
Aaj Ka Panchang के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की कृष्ण पंचमी तिथि मध्यरात्रि 01:18 बजे तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ होगा। वार शुक्रवार होने के कारण यह दिन पूजा-पाठ, व्रत और लक्ष्मी साधना के लिए उत्तम है। इस दिन हस्त नक्षत्र रात 12:23 बजे तक रहेगा, जिसके बाद चित्रा नक्षत्र आरंभ होगा। हस्त नक्षत्र को कार्य सिद्धि और कौशल का प्रतीक माना जाता है, वहीं चित्रा नक्षत्र रचनात्मकता और सौंदर्य से जुड़ा होता है।
योग की बात करें तो इस दिन धृति योग रात 11:36 बजे तक रहेगा, जिसके बाद शूल योग का आरंभ होगा। धृति योग को धैर्य, स्थिरता और सफलता देने वाला योग माना जाता है। करण के अनुसार, कौलव करण दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा, इसके बाद तैतिल करण मध्यरात्रि 01:19 बजे तक और फिर गर करण लगेगा।
ग्रहों की स्थिति भी इस दिन खास मानी जा रही है। सूर्य मकर राशि में स्थित रहेंगे, जबकि चंद्रमा पूरे दिन कन्या राशि में गोचर करेंगे। कन्या राशि में चंद्रमा का होना कार्यक्षेत्र, स्वास्थ्य और योजनाओं के लिए अनुकूल माना जाता है। सूर्य उदय सुबह 7:08 बजे और सूर्यास्त शाम 6:13 बजे होगा। वहीं चंद्रोदय रात 10:32 बजे तथा चंद्रास्त अगले दिन सुबह 10:14 बजे होगा। शहर के अनुसार इन समयों में कुछ मिनटों का अंतर संभव है।
शुभ कार्यों के लिए इस दिन कई अच्छे मुहूर्त उपलब्ध हैं। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:18 बजे से 1:03 बजे तक रहेगा, जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए उत्तम माना जाता है। अमृत काल शाम 6:01 बजे से 7:42 बजे तक रहेगा, जबकि ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:31 बजे से 6:19 बजे तक रहेगा, जो साधना और ध्यान के लिए श्रेष्ठ समय होता है।
वहीं अशुभ समय में राहुकाल सुबह 11:17 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा, इस दौरान शुभ कार्यों से बचना चाहिए। यम गण्ड दोपहर 3:27 बजे से 4:50 बजे तक और कुलिक काल सुबह 8:31 बजे से 9:54 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 9:21 से 10:05 बजे तक और दोपहर 1:03 से 1:47 बजे तक रहेगा। वर्ज्यम काल सुबह 7:51 से 9:33 बजे तक माना गया है।