Bhai dooj 2022: जानें कब है भाई दूज 26 या 27 अक्टूबर को?

Bhai dooj 2022: जानें कब है भाई दूज 26 या 27 अक्टूबर को? यहां देखें मुहूर्त और शुभ योग

Bhai dooj 2022: जानें कब है भाई दूज 26 या 27 अक्टूबर को? यहां देखें मुहूर्त और शुभ योग, इस बार बन रहा खास संजोग

Edited By: , November 29, 2022 / 03:22 AM IST

Bhai Dooj 2022: इस बार भाई दूज को लेकर लोगों को काफी कंफ्यूजन है। कुछ लोगों का मानना है कि 26 अक्टूबर को है तो किसी का मानना है कि 27 अक्टूबर को। भाई बहन का पावन रिश्तो का त्योहार रक्षाबंधन के बाद भाई दूज होता है। इस दिन बहने अपने भाइयों को तिलक लगाती है और भाई अपनी बहनों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेता है। जो भाई और बहन का त्योहार होता है और इस दिन बहन अपने भाई की लंबी उम्र के लिए कामना करती है। हालांकि लोगों को इस साल कंफ्यूजन है कि भाई दूज 26 अक्टूबर को है कि 27 अक्टूबर को है तो चलिए हम आपको बताते हैं कि 2022 में भाई दूज किस दिन पड़ रहा है।

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कब है भाई दूज 2022?

Bhai Dooj 2022:पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की दूसरी तिथि बुधवार 26 अक्टूबर रात 9:12 से शुरू हो रही है। जबकि यह अगले दिन गुरुवार यानी 27 अक्टूबर शाम 7:15 को खत्म होगी। इसलिए उदयातिथि के आधार पर भाई दूज का त्योहार 27 अक्टूबर को मनाया जाएगा। बता दें कि इस बार भाई दूज के मौके पर तीन शुभ योग बन रहे हैं। भाई दूज के दिन 27 अक्टूबर को बहनों के लिए अपने भाइयों को तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 09 मिनट से शुरू होकर दोपहर 03 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। बता दें कि इस बार भाई दूज के दिन शुभ मुहूर्त करीब 2 घंटे 32 मिनट का है। इस भाई दोज पर तीन शुभ योग भी बन रहे हैं। जिसमें सर्वार्थ सिद्धि योग 27 अक्टूबर दोपहर 12:11 से शुरू होकर शुक्रवार यानी अगले दिन 28 अक्टूबर को सुबह 6:30 तक बनेगा। वहीं आयुष्मान योग सुबह काल से शुरू होकर 7:27 तक बनेगा। वहीं इसके बाद सौभाग्य योग शुरू हो जाएगा जो कि अगले दिन सुबह 04:33 तक रहेगा।

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दूज का महत्व

Bhai Dooj 2022:भाई दूज को यम द्वितीया के दिन मनाने की एक कहानी है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, यमराज अपनी बहन यमुना के अनुरोध पर कार्तिक शुक्ल की द्वितीया को उनके घर गए थे। जिसके बाद यमुना अपने भाई को घर में देखकर बहुत खुश हुई थीं। उन्होंने अपने भाई को घर में भोजन कराया और जिससे यमराज प्रसन्न हुए और जाते समय यम ने यमुना को वरदान मांगने को कहा। तब यमुना ने यमराज से कहा कि तुम हर साल इस दिन मेरे घर आओगे और कहा कि अगर इस दिन कोई भी भाई अपने बहन से सिर पर तिलक लगावाएगा तो उसे यम के भय से मुक्ति मिलेगी और उसकी अकाल मृत्यु नहीं आए। तब यमराज ने यमुना को ये वरदान दिया था। जिसके बाद से दिवाली के दूसरे दिन भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है।

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