Chandra Grahan 2026: चंद्रमा पर शनि-राहु की टेढ़ी नजर! इन राशि वालों की बढ़ सकती है परेशानी, जानें किसे रहना होगा सतर्क

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Chandra Grahan 2026: साल 2026 का आखिरी चंद्रग्रहण 28 अगस्त को लगेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान चंद्रमा शनि की राशि कुंभ और राहु के शतभिषा नक्षत्र में रहेंगे। इसका असर कर्क, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि वालों पर पड़ सकता है। इन लोगों को स्वास्थ्य, धन और करियर से जु़ड़े मामलों में सावधानी बरतनी होगी।

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 03:55 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 03:57 PM IST

(Chandra Grahan 2026/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • आखिरी चंद्र ग्रहण: 28 अगस्त 2026 को लगेगा।
  • ग्रहण का समय: सुबह 6:53 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक।
  • भारत में असर: ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक मान्य नहीं होगा।

Chandra Grahan 2026: साल 2026 का अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगेगा। ज्योतिषीय और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण (Chandra Grahan 2026) का समय संवेदनशील माना जाता है। इस बार ग्रहण के दौरान चंद्रमा कुंभ राशि में और राहु के शतभिषा नक्षत्र में रहेंगे। ज्योतिष के अनुसार शनि और राहु के प्रभाव के कारण इसकर असर कुछ राशियों पर अधिक पड़ सकता है।

शनि और राहु का चंद्रमा पर प्रभाव

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, ग्रहण के समय चंद्रमा शनि की राशि कुंभ में रहेंगे। साथ ही वह राहु के शतभिषा नक्षत्र में होंगे। मान्यता है कि शनि और राहु का प्रभाव चंद्रमा की स्थिति को कमजोर कर सकता है। इसका असर लोगों के मानसिक तनाव, पारिवारिक जीवन और दूसरे क्षेत्रों पर पड़ सकता है।

जनजीवन पर पड़ सकता है असर

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि (Chandra Grahan 2026) में मानसिक तनाव, बेचैनी और नकारात्मक विचार बढ़ सकते हैं। परिवार में गलतफहमी और विवाद की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। वहीं भूमि, मकान और वाहन से जुड़े मामलों में भी लोगों को सतर्क रहने की बात कही गई है।

कर्क राशि के लिए सावधानी जरूरी

कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में सावधानी वाला बताया गया है। सिरदर्द, आंखों से जुड़ी परेशानी या ब्लड प्रेशर जैसी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। निवेश और बड़े आर्थिक लेन-देन में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। नकारात्मक लोगों और गलत संगति से दूरी बनाए रखें।

सिंह और वृश्चिक राशि पर असर

सिंह राशि वालों के खर्च बढ़ सकते हैं और काम का दबाव मानसिक तनाव दे सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, क्योंकि छोटी बात विवाद का कारण बन सकती है। वहीं, वृश्चिक राशि वालों को स्वास्थ्य और पैसों से जुड़े मामलों में सतर्क रहना चाहिए। जीवनसाथी या बच्चों को लेकर चिंता हो सकती है।

मीन राशि को भी रहना होगा सतर्क

मीन राशि वालों के लिए भी ग्रहण का समय (Chandra Grahan 2026) सावधानी वाला बताया गया है। इस दौरान बड़े फैसले लेने से बचने की सलाह दी जाती है। निवेश या पैसों के लेन-देन में नुकसान की आशंका बताई गई है। कार्यक्षेत्र में रुकावटें आ सकती हैं। इसलिए धैर्य रखें और विवादों से दूरी बनाकर चलें।

ग्रहण का समय और भारत पर असर

ग्रहण 28 अगस्त को सुबह 6:53 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा और इसकी कुल अवधि करीब 5 घंटे 39 मिनट बताई गई है। पौराणिक मान्यता में राहु-केतु को चंद्र ग्रहण से जोड़ा जाता है। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और धार्मिक प्रभाव भी नहीं माना जाएगा।

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साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण कब लगेगा?

साल 2026 का अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगेगा।

चंद्र ग्रहण कितने बजे से कितने बजे तक रहेगा?

ग्रहण सुबह 6:53 बजे शुरू होकर दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा।

किन राशियों पर ग्रहण का अधिक असर बताया गया है?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कर्क, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

क्या भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा?

नहीं, यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।