Shivratri festival
Shivratri fasting: नई दिल्ली। शिवरात्रि पर त्रयोदशी खत्म होना और चतुर्दशी आरंभ होने के समय जलाभिषेक के समय को बेहद खास माना गया है। शास्त्रों में त्रयोदशी और चतुर्दशी तिथि की संधि यानि जब त्रयोदशी तिथि समाप्त हो रही हो और चतुर्दशी तिथि आरंभ हो रही हो, इस समय को संधि कहा जाता है। 26 जुलाई की शाम ऐसा ही मुहूर्त बन रहा है।
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त्रयोदशी और चतुर्दशी के होंगे ख़ास मुहूर्त
Shivratri fasting: सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि का त्यौहार मनाया जाता है। आज की शाम 06:45 बजे से शुरू होकर 27 जुलाई की रात 09:10 बजे तक चतुर्दशी तिथि है। बता दें कि भगवान शिव का जलाभिषेक इस बार 26 और 27 जुलाई दोनों ही दिन किया जा सकता है। इसे शिवरात्रि का विशेष पुण्यकाल माना जाता है।
Shivratri fasting: माना जाता है कि इस दिन चार पहर की पूजा का खास महत्व होता है। इन चारों पहरों में भगवान शिव की आराधना का बेहद महत्व है। इस दिन लोग भगवान शिव की कृपा पाने के लिए व्रत भी रखते हैं। व्रत का पारण अगले दिन किया जाता है। मान्यता है कि शिवरात्रि का व्रत रखने वालों को भगवान शिव मनवांछित फल देते हैं।