Chhattisgarh Tableau Republic Day 2026 || Image- PTI News File
नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ की झांकी, जिसका विषय “स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम” रखा गया है, आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के साहस और बलिदान को समर्पित है। झांकी के माध्यम से उन वीर आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि दी गई है, जिनकी स्मृति शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक और आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय में संरक्षित है। (Chhattisgarh Tableau Republic Day 2026) यह संग्रहालय भारत का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो विशेष रूप से आदिवासी नायकों को समर्पित है।
झांकी के अग्र भाग में 1910 के भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया है। वे धुर्वा समुदाय के महान नेता थे। भूमकाल विद्रोह अन्याय के खिलाफ आदिवासी एकता का प्रतीक था। झांकी में आम के पत्ते की टहनी और सूखी लाल मिर्च जैसे प्रतीकों को दिखाया गया है, जो विद्रोह और जनआंदोलन का संकेत देते हैं। बताया जाता है कि यह आंदोलन इतना व्यापक था कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, लेकिन वीर गुंडाधुर जीवन भर अंग्रेजों की गिरफ्त में नहीं आए।
झांकी के पीछे शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार तलवार के साथ दिखाया गया है। वे बिनझावर जनजाति के नेता और सोनाखान के जमींदार थे। वर्ष 1856 में भीषण अकाल के दौरान गरीबों को अनाज बांटने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। (Chhattisgarh Tableau Republic Day 2026) बाद में उन्होंने 500 सैनिकों की सेना बनाई और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया। 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर उन्हें फांसी दी गई। उन्हें छत्तीसगढ़ का पहला शहीद माना जाता है।
बता दें कि, छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवा रायपुर स्थित अटल नगर में डिजिटल संग्रहालय का उद्घाटन किया था। यह आयोजन आदिवासी विद्रोहों की एकता, वीरता और स्वतंत्रता के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
वहीं गृह मंत्रालय की झांकी में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 को प्रस्तुत किया गया है, जो 1 जुलाई 2024 से लागू हुए हैं। इन नए कानूनों ने ब्रिटिश काल के पुराने कानूनों का स्थान लिया है और देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
झांकी में नई संसद भवन के ऊपर इन तीन नए कानूनों की किताबों को दिखाया गया है। पृष्ठभूमि में भारत का संविधान रखा गया है, जो संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है। (Chhattisgarh Tableau Republic Day 2026) मध्य भाग में फोरेंसिक विशेषज्ञ को आधुनिक उपकरणों से जांच करते हुए दिखाया गया है, जिससे वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित जांच पर जोर दिया गया है।
इसके साथ ही मोबाइल फोरेंसिक वैन, 112 आपातकालीन सेवा का संचालन करती महिला पुलिसकर्मी और गश्ती पुलिसकर्मियों को भी झांकी में शामिल किया गया है। पूरी झांकी जन-केंद्रित, पारदर्शी और आधुनिक न्याय व्यवस्था का संदेश देती है।
VIDEO | Chhattisgarh proudly represented India during the 77th Republic Day 2026 parade on Kartavya Path through its captivating tableau.
(Source: Third Party)#RepublicDay🇮🇳
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/ixgDmU3jWc
— Press Trust of India (@PTI_News) January 26, 2026
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