#SarkarOnIBC24
लखनऊ : #SarkarOnIBC24 : यूपी के मुजफ्फरनगर में कांवण यात्रा को लेकर शुरू हुआ विवाद और गहरा गया है। मुजफ्फरनगर पुलिस के फरमान पर अब योगी सरकार ने भी मुहर लगा दी है। जिससे ये आदेश पूरे उत्तर प्रदेश पर लागू हो गया है। वही उत्तराखंड सरकार ने भी यूपी की राह पकड़ते हुए हरिद्वार में ऐसा ही आदेश जारी कर दिया है। अब यूपी और उत्तराखंड के हरिद्वार में कांवड़ यात्रा मार्ग में पड़ने वाले दुकानदारों को अपना नाम दुकान पर लिखना अनिवार्य होगा। यूपी में इसी साल 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव है जिससे इस पर सियासत चरम पर है।
#SarkarOnIBC24 : सावन के महीने में हर साल लाखों कांवडिए गंगा जल लेकर शिवालयों की ओर प्रस्थान करते हैं। इस दौरान कांवडियों की सुरक्षा और रास्ते में विवाद की खबरे अक्सर आती रही हैं। लेकिन जितना विवाद यूपी की मुजफ्फरनगर पुलिस के एक फरमान से शुरू हुआ। वैसा पहले कभी नहीं हुआ योगी सरकार ने भी अब इस फैसले पर मुहर लगा दी है और अब ये फरमान पूरे उत्तर प्रदेश पर लागू हो गया है। उत्तराखंड सरकार ने भी कांवड मार्ग पर पड़ने वाले होटल और ढाबो को दुकान के मालिक का नाम लिखने का आदेश दिया है। प्रशासन इस फैसले का अमल सुनिश्चित करने में लग गया है।
प्रशासन जहां इसे कांवड़ियों की यात्रा की पवित्रता और किसी तरह के विवाद से बचने की कोशिश बता रहा है। वहीं इस पर सियासत भी खूब हो रही है।बीजेपी उत्तराखंड और यूपी सरकार के फैसले का बचाव कर रही है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर पुलिस के आदेश को सामाजिक अपराध बताया है। वहीं AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तानाशाह फैसला कहा है। अब यूपी की पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायवती ने भी इस आदेश की आलोचना की है।
#SarkarOnIBC24 : मायावती ने अपने X हैडल पर लिखा यूपी और उत्तराखण्ड सरकार द्वारा कावंड़ मार्ग के व्यापारियों को दुकानों पर मालिक और स्टाफ का पूरा नाम लिखने.. मांस बिक्री पर भी रोक का आदेश चुनावी लाभ के लिए पूर्णतः असंवैधानिक है। धर्म विशेष के लोगों का इस प्रकार से आर्थिक बायकाट करने का प्रयास अति-निन्दनीय है।
यूपी और उत्तराखंड सरकार के इस फैसले से इंडिया गठबंधन के नेता ही नहीं बल्कि मोदी सरकार में सहयोगी JDU भी खफा है और उनसे फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।
यूपी के मुजफ्फरनगर जैसा ही एक फरमान राजस्थान के जयपुर में भी जारी हुआ है यहां सावन के पवित्र महीने को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने मीट की दुकानों पर हलाल या झटका मीट लिखना अनिवार्य कर दिया है। जिस पर आने वाले दिनों में विवाद गहरा सकता है। जहां तक कांवड़ यात्रा का सवाल है ये 22 जुलाई से शुरू होकर 19 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान करीब 5 करोड़ कांवड़िए प्रयागराज, बाराबंकी, कानपुर, बदायू मेरठ, बागपत और हरिद्वार से जल उठाएंग और 150 से 200 किलोमीटर पैदल चलेंगे। यूपी में इस साल 10 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव है। जिसके चलते इस पर जमकर सियासत हो रही है।