Free Cancer Treatment in Private Hospital: प्राइवेट अस्पताल में मुफ्त इलाज के लिए जरूरी नहीं आयुष्मान कार्ड, कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट सहित गंभीर बिमारियों का 5 लाख तक फ्री में करवा सकेंगे उपचार

Free Cancer Treatment in Private Hospital: प्राइवेट अस्पताल में मुफ्त इलाज के लिए जरूरी नहीं आयुष्मान कार्ड, कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट सहित गंभीर बिमारियों का 5 लाख तक फ्री में करवा सकेंगे उपचार

  •  
  • Publish Date - January 9, 2026 / 04:37 PM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 04:41 PM IST

Free Cancer Treatment in Private Hospital: प्राइवेट अस्पताल में मुफ्त इलाज के लिए जरूरी नहीं आयुष्मान कार्ड, कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट सहित गंभीर बिमारियों का 5 लाख तक फ्री में करवा सकेंगे उपचार / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • गोल्डन कार्ड से मुफ्त चिकित्सा सुविधा
  • प्राइवेट अस्पतालों में भी 5 लाख तक मुफ्त इलाज
  • किडनी ट्रांसप्लांट और हृदय रोग सहित 2,500 से अधिक बीमारियों का इलाज

लखनऊ: Free Cancer Treatment in Private Hospital महंगाई के इस दौर में रोटी-कपड़ा और मकान के अलावा अच्छी चिकित्सा सुविधा भी बेहद जरूरी है, लेकिन महंगाई के दौरान बिमारियों का इलाज अच्छे अस्पताल में करवा पाना हर किसी के बस में नहीं है। हालांकि केंद्र की मोदी सरकार की ओर से आयुष्मान कार्ड योजना चलाई जा रही है जिसके माध्यम से लोगों को पांच लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है। लेकिन अब प्रदेश की भाजपा सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए बिना आयुष्मान कार्ड के भी आप सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज की सुविधा देने का फैसला किया है।

Free Cancer Treatment in Private Hospital मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत मरीजों को सरकारी ही नहीं प्राइवेट अस्पतालों में भी 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। यानि अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड नहीं भी है तो आपको इलाज करवाने के लिए टेंशन लेने की जरूरत नहीं है।

जन आरोग्य योजना के लाभ

  • 5 लाख का बीमा
    हर साल प्रति परिवार ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर
  • कैशलेस इलाज
    अस्पताल में भर्ती होने पर मरीज को अपनी जेब से कोई पैसा नहीं देना पड़ता
  • बीमारियों का दायरा
    इस योजना में 2,500 से ज्यादा बीमारियों और 1,500 से अधिक मेडिकल पैकेज कवर होते हैं

प्रमुख बीमारियां:

  • हृदय रोग (बाईपास सर्जरी, एंजियोप्लास्टी), किडनी ट्रांसप्लांट, कैंसर, न्यूरोसर्जरी, और दुर्घटना जैसी आपातकालीन सेवाएं इसमें शामिल हैं

कौन ले सकता है जन आरोग्य योजना का लाभ

  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना जरूरी है
  • लाभार्थी उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए
  • असंगठित क्षेत्र के मजदूर या सरकार में पंजीकृत श्रमिक
  • वे बीपीएल परिवार जो आयुष्मान योजना (SECC 2011) की सूची में शामिल नहीं हैं
  • असहाय, निराश्रित बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति

जन आरोग्य योजना लिए जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड और राशन कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र और मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

जन आरोग्य योजना के लिए कैसे करें आवेदन?

  • ऑनलाइन आवेदन
    आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘पात्रता’ विकल्प चुनें, आधार या राशन कार्ड नंबर डालें और रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर दस्तावेज अपलोड करें
  • ऑफलाइन आवेदन
    अपने नजदीकी जन सुविधा केंद्र (CSC) पर जाकर सभी दस्तावेज जमा करें. आवेदन पूरा होने के बाद आपको ‘गोल्डन कार्ड’ दिया जाएगाा

ये भी पढ़ें

क्या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान योजना एक ही हैं?

नहीं, आयुष्मान भारत केंद्र की योजना है, जबकि मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उन लोगों के लिए शुरू की गई है जो आयुष्मान योजना के दायरे में नहीं आ सके थे। दोनों के लाभ समान (₹5 लाख) हैं।

क्या इसमें ऑपरेशन का खर्च भी शामिल है?

हाँ, इसमें हार्ट सर्जरी, मोतियाबिंद, घुटने का रिप्लेसमेंट और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन का खर्च शामिल है।

क्या हम दूसरे राज्य में इस कार्ड से इलाज करा सकते हैं?

यह योजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के भीतर संबद्ध अस्पतालों के लिए है। अन्य राज्यों में इसकी पात्रता अस्पताल के पैनल और नियमों पर निर्भर करती है।

आवेदन के कितने दिन बाद कार्ड मिलता है?

आवेदन और सत्यापन के बाद आमतौर पर 7 से 15 दिनों के भीतर डिजिटल कार्ड प्राप्त किया जा सकता है।