Inter-Caste Marriage Scheme: इंटर-कास्ट मैरिज.. और तीन लाख का फायदा, सरकार खुद खाते में भेजेगी पैसे, शादी के बाद बस यहां करना होगा आवेदन

इंटर-कास्ट मैरिज.. और तीन लाख का फायदा, सरकार खुद खाते में भेजेगी पैसे, Govt Give Money on Inter Caste Marriage

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 07:17 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 07:18 PM IST
HIGHLIGHTS
  • महाराष्ट्र सरकार इंटर-कास्ट मैरिज पर 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देती है
  • योजना का उद्देश्य जातिगत भेदभाव कम कर सामाजिक समानता को बढ़ावा देना
  • राशि सीधे दंपति के जॉइंट बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है

मुंबई। Inter-Caste Marriage Scheme: आज भी देश के कई हिस्सों में इंटर-कास्ट मैरिज को सामाजिक स्वीकृति मिलना आसान नहीं है। पारिवारिक दबाव, सामाजिक विरोध और आर्थिक चुनौतियां ऐसे विवाहों के सामने बड़ी बाधा बनती हैं। इसी सोच को बदलने और जातिगत भेदभाव को कम करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार एक विशेष योजना चला रही है, जिसके तहत इंटर-कास्ट मैरिज करने वाले पात्र दंपतियों को आर्थिक सहायता दी जाती है।

महाराष्ट्र सरकार की इस योजना का नाम ‘इंसेंटिव टू एनकरेज इंटर-कास्ट मैरिज’ है। योजना का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समानता, एकता और सद्भाव को मजबूत करना है। इसके तहत यदि पति या पत्नी में से कोई एक अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), विमुक्त जाति (VJ), घुमंतू जाति (NT) या विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) से संबंधित है, तो दंपति को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता

Inter-Caste Marriage Scheme: इस योजना के अंतर्गत कुल 3 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इसमें महाराष्ट्र सरकार की ओर से 50 हजार रुपये और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर फाउंडेशन की ओर से 2.50 लाख रुपये शामिल हैं। यह पूरी राशि सीधे दंपति के संयुक्त बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। वहीं योजना का लाभ लेने के लिए पति और पत्नी दोनों का महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना अनिवार्य हैइसके अलावा दंपति में से एक का अनुसूचित जाति, जनजाति या निर्धारित वर्ग से होना जरूरी हैविवाह का पंजीकरण हिंदू विवाह अधिनियम 1955 या विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत होना चाहिएदूल्हे की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और दुल्हन की 18 वर्ष तय की गई हैसाथ ही, यह दंपति की पहली शादी होनी चाहिए

आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध इंटर-कास्ट मैरिज स्कीम के विकल्प के माध्यम से किया जा सकता है। वहीं ऑफलाइन आवेदन के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय से आवेदन फॉर्म प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। सरकार की इस पहल को सामाजिक समरसता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल इंटर-कास्ट मैरिज को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आर्थिक रूप से भी नवविवाहित दंपतियों को मजबूती मिलेगी।

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महाराष्ट्र इंटर-कास्ट मैरिज योजना क्या है?

यह महाराष्ट्र सरकार की योजना है, जिसके तहत अलग-अलग जातियों में विवाह करने वाले पात्र दंपतियों को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है।

इंटर-कास्ट मैरिज करने पर कितनी राशि मिलती है?

इस योजना के तहत कुल 3 लाख रुपये दिए जाते हैं, जिसमें 50 हजार रुपये राज्य सरकार और 2.50 लाख रुपये डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर फाउंडेशन की ओर से मिलते हैं।

इस योजना का लाभ किन लोगों को मिल सकता है?

यदि पति या पत्नी में से कोई एक अनुसूचित जाति, जनजाति, VJ, NT या SBC वर्ग से है और दोनों महाराष्ट्र के स्थायी निवासी हैं, तो योजना का लाभ मिल सकता है।

क्या शादी का रजिस्ट्रेशन जरूरी है?

हां, शादी का पंजीकरण हिंदू विवाह अधिनियम 1955 या विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत होना अनिवार्य है।

इंटर-कास्ट मैरिज योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

इस योजना के लिए ऑनलाइन सामाजिक न्याय विभाग की वेबसाइट के माध्यम से और ऑफलाइन जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय से आवेदन किया जा सकता है।