कोहिमा, 28 फरवरी (भाषा) नगालैंड में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर के उन्मूलन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए शनिवार को ‘ह्यूमन पेपिलोमावायरस’ (एचपीवी) टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया गया। इस कार्यक्रम का लक्ष्य 14 साल की सभी पात्र लड़कियों को टीका लगाना है। यह टीका राज्य भर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा।
राज्यस्तरीय शुरुआत कोहिमा स्थित नगा अस्पताल प्राधिकरण में एक आयोजन के साथ हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से राष्ट्रीय स्तर पर इसकी शुरुआत की।
मुख्यमंत्री नेफियू रियो को इस अवसर पर उपस्थित होना था, लेकिन राज्य विधानसभा के आगामी बजट सत्र की व्यस्तताओं के कारण वह उपस्थित नहीं हो सके।
सभा को संबोधित करते हुए नगालैंड सरकार के आयुक्त और सचिव, अनूप खिंची ने सर्वाइकल कैंसर को भारत और विश्व स्तर पर एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बताया।
उन्होंने कहा कि गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के लगभग 99.7 प्रतिशत मामले जननांग में एचपीवी के उच्च जोखिम वाले प्रकारों के लगातार संक्रमण के कारण होते हैं।
राष्ट्रीय आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष औसतन 1.25 लाख नये सर्वाइकल कैंसर के मामले दर्ज किए जाते हैं, जिनमें से लगभग 78,000 मौतें हर साल होती हैं।
भारत में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण सर्वाइकल कैंसर है। महिलाओं में होने वाले कैंसर के 18.3 प्रतिशत मामले सर्वाइकल कैंसर के हैं।
उन्होंने कहा कि यह बीमारी आमतौर पर 35 से 55 वर्ष की आयु की महिलाओं में होती है।
भाषा शुभम सुरेश
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