Ganga Mai ki betiyan 9th April 2026/Image Credit: ScreenGrab / Youtube / @Zee TV UK
Ganga Mai ki betiyan: ‘Zee TV‘ के सबसे चर्चित और दर्शकों के दिलों पर राज कर रहे शो ‘गंगा माई की बेटियां’ में आने वाला एपिसोड, दिल तोड़ने वाला और प्यार करने वाले दो दिलों को अलग करने वाला है। जी हाँ! गंगा ने दुर्गावती से वादा किया है कि स्नेहा, सिद्धू से अपने सारे रिश्ते तोड़ देगी।
एपिसोड की शुरुआत में, परिवारों के बीच भावात्मक टकराव के चलते गलतफहमियाँ बहुत ज्यादा ही बढ़ जाती हैं। स्नेहा, सिद्धू को अस्पताल लेकर जाती है, उसकी हर छोटी-बड़ी ज़रूरतों का ख्याल रखती है और उसके जख्मों की देखभाल करती है। उसके हर कदम पर उसका साथ देती है। सच से अनजान, स्नेहा अब यकीन के साथ, दुर्गावती को ही अपना दुश्मन समझने लगती है।
वह एक-एक करके सारी कड़ियों को जोड़ना शुरू करती है जिससे उसे लगने लगता है कि पक्का उसे मारने के लिए दुर्गावती ने ही गुंडे भेजे होंगे। उसकी नाराजगी अब नफरत में बदल जाती है। वह खुल कर दुर्गावती को गुंडी कहती है उसके खिलाफ बहुत कुछ गलत बोलती है। सिद्धू सच जानते हुए भी चुप्पी साध लेता है जिससे ग़लतफहमी अपनी चरम सीमा तक पहुँच जाती है।
सिद्धू को कुछ गड़बड़ का एहसास होता है क्योंकि वह जानता है कि, चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन दुर्गावती कभी भी किसी को इस तरह नुक्सान नहीं पहुंचा सकती। वह स्नेहा को समझाने की कोशिश करता है लेकिन स्नेहा के दिल में दुर्गावती को लेकर जो छवि बनी हुई है उसे देख वह चुप हो जाता है। सिद्धू खुद को बहुत ही बेबस महसूस करता है क्योंकि वह सच जानते हुए भी उसे उजागर नहीं कर पा रहा है।
दूसरी ओर, काली और इंदु ने जो षड्यंत्र रचा था वह इसमें कामयाब हो जाते हैं क्योंकि इस बार का नुक्सान, बहुत ही भारी नुक्सान है अब दुर्गावती और स्नेहा एक-दूसरे के सामने दुश्मन बनी खड़ी है। किन्तु सबसे ज्यादा दिल को चीरने वाला पल तो तब आता है जब गंगा और दुर्गावती का आमना-सामना होता है। दुर्गावती की आँखों में अब गुस्से की ज्वाला और दर्द साफ़ नज़र आता है क्योंकि अब, स्नेहा उनके लिए वह लड़की है जिसने उसके बेटे को फंसाया है और उसको परिवार के खिलाफ किया है।
दुर्गावती, गंगा से वादा करने को कहती है कि वह स्नेहा और सिद्धू को कभी एक नहीं होने देगी। यह पल, गंगा के लिए दिल पर पत्थर रखकर, अपनी बेटी के प्यार के खिलाफ फैसला लेना बहुत ही मुश्किल होता है। एक बेबस माँ, यह जानते हुए कि स्नेहा बेक़सूर है, उसकी सलामती के लिए गंगा दुर्गावती की बात मान जाती है वह दुर्गावती से वादा करती है कि स्नेहा, सिद्धू से सारे रिश्ते तोड़ देगी। किया हुआ वादा सिर्फ फैसला नहीं बल्कि बहुत बड़ी कुर्बानी है।
इस एक ग़लतफहमी की वजह से, दो दिल जो बिना किसी कसूर के एक दूसरे से अलग हो जाएंगे। परिवारों में मतभेद के बीच ग़लतफहमी जीत जाती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब स्नेहा के सामने, सिद्धू का सच आएगा तो क्या होगा?
जब दुर्गावती के सामने बेक़सूर स्नेहा की पूरी सच्चाई आएगी तो, क्या बचाने लायक कुछ बाकी रहेगा? क्या सिद्धू और स्नेहा का रिश्ता टूट कर बिखर जाएगा?