Ganga Mai ki Betiyan 18th July 2026/Image Credit: ScreenGrab / Youtube /@TellyChakkar
Ganga Mai ki Betiyan: ‘ZEE TV’ के सबसे पसंदीदा शो ‘गंगा माई की बेटियाँ‘ में आने वाला एपिसोड बेहद रोमांचक होने वाला है, क्योंकि गंगा के ढ़ाबे में लगी आग ने दुर्गावती के प्रति, पूरे गाँव का नज़रिया बदल दिया है। जहां एक तरफ गाँव वालों के बीच आक्रोश है तो वहीं दूसरी तरह, स्नेहा ने गंगा को न्याय दिलाने के लिए कानूनी मोर्चा खोल दिया है।
आगामी एपिसोड में गाँव वाले खुलकर दुर्गावती के खिलाफ खड़े नज़र आएंगे। इसी बीच, गुस्से की आग को और भड़काते हुए बबलू मांग करता है कि दुर्गावती को सज़ा मिलनी ही चाहिए और उसे गंगा के भारी नुक्सान की भरपाई करनी होगी, जिससे सहाना और सोनी एक गहरी उलझन में फँस जाएँगी। वे दोनों भी गंगा को न्याय दिलाना चाहती हैं लेकिन उन्हें यह भी पता है कि हर बार जो दिखता है, वह पूरी सच्चाई नहीं होती।
इंदु दूर से इस पूरे हंगामे को देखकर बेहद खुश होती है, क्योंकि उसकी बनाई योजना ठीक वैसे ही काम कर रही है जैसा उसने सोचा था। गाँव वालों को दुर्गावती के खिलाफ गुस्से में देखकर, इंदु मन ही मन मुस्कुराते हुए सोचती है कि उसकी लगाई चिंगारी अब एक भयंकर आग बन चुकी है। इस तरह वह गंगा और दुर्गावती की दोस्ती को हमेशा के लिए ख़त्म करने के अपने मकसद के बहुत करीब पहुँच गई है।
दूसरी तरफ, स्नेहा मामले की तेह तक जाने के लिए पुलिस स्टेशन पहुँचती है ताकि यह जान सके कि कोर्ट में तेज का केस कौन लड़ रहा है। यह जानकार उसे बेहद हैरानी होती है कि दुर्गावती की तरफ से, शेखर ने तेज का केस लड़ने की ज़िम्मेदारी ली है। निराशा से भरी स्नेहा, शेखर से सवाल करती है कि वह उस आदमी का बचाव कैसे कर सकता है जिस पर ढ़ाबा जलाकर, गंगा को जान से मारने की कोशिश करने का आरोप है?
लेकिन शेखर बहुत ही सोच-समझकर शांति से जवाब देता है। वह स्नेहा को समझाता है कि सिर्फ आरोप लग जाने से कोई दोषी नहीं हो जाता और अदालत में अभी तक तेज का जुर्म साबित नहीं हुआ है। शेखर का कहना है कि एक वकील होने के नाते, उन्हें खुद कोई भी नतीजा निकालने से पहले, कानूनी प्रक्रिया का पालन और सम्मान करना चाहिए।
स्नेहा पीछे हटने के मूड में बिलकुल नहीं है। गंगा की ख़राब हालत और ढ़ाबे के बर्बाद होने से गुस्से में आकर, वह प्रतिज्ञा लेती है कि अगर घटना के पीछे दुर्गावती या तेज का हाथ हुआ तो वह उन्हें सज़ा से बचने नहीं देगी। उसके इस कड़े फैसले से साफ़ पता चलता है कि अब यह जंग घर की चारदीवारी से निकलकर, कोर्ट के कटघरे तक पहुँच चुकी है।
एक तरफ, जहाँ पूरा गाँव दुर्गावती के खिलाफ खड़ा है और इंदु अपनी रचाई साजिश का चुपके से जश्न मना रही है, वहीं दूसरी तरफ, स्नेहा शेखर के बचाव पक्ष के खिलाफ एक मजबूत कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में जुट गई है..
अब सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि क्या आख़िर में तेज का जुर्म साबित हो पाएगा, या फिर इंदु की इस गंदी साज़िश की आग में कई बेगुनाह ज़िंदगियाँ यूँ ही झुलसती रहेंगी?