Ganga Mai ki Betiyan: ढाबे की आग ने बुझाई दिलों की नफरत! क्या हवेली में कदम रखते ही पलट जाएगी स्नेहा की किस्मत या बिखर जाएंगे अरमान?

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Ganga Mai ki Betiyan: 'गंगा माई की बेटियाँ' के आगामी एपिसोड में गंगा द्वारा दिखाए गए सत्य के मार्ग को चुनकर, स्नेहा अब बिना किसी कड़वाहट के, पूरे दिल से अपने ससुराल में कदम रखने का निर्णय लेती है..

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  • Publish Date - July 29, 2026 / 06:50 PM IST,
    Updated On - July 29, 2026 / 06:51 PM IST

Ganga Mai ki Betiyan 29th July 2026/Image Credit: ScreenGrab / Youtube / @TellyChakkar

HIGHLIGHTS
  • क्या पूर्वी चलेगी कोई नई चाल?
  • भवानीदेवी के एक फैसले से पलटा पूरा खेल!

Ganga Mai ki Betiyan: ‘ZEE TV’ का सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा शो गंगा माई की बेटियाँ के आगामी एपिसोड में सिद्धू और स्नेहा के वैवाहिक जीवन में एक बड़ा मोड़ आने वाला है। जहां, गंगा द्वारा दिखाए गए सत्य के मार्ग को चुनकर, स्नेहा अब बिना किसी कड़वाहट के, पूरे दिल से अपने ससुराल में कदम रखने का निर्णय लेती है।

Ganga Mai ki Betiyan Upcoming Twist: स्नेहा को गंगा ने दी सीख!

गंगा, स्नेहा को उसके ससुराल जाने से पहले समझाते हुए कहती है कि बिदाई के समय स्नेहा अपने दिल में कड़वाहट के साथ-साथ आग लेकर गई थी, लेकिन गंगा के ढाबे पर आग लगने के दौरान सिद्धू ने ही उसे आग से बचाया। इसलिए, वह उसे सलाह देते हुए कहती है कि स्नेहा बिना मन में बैर लिए, पूरे दिल से अपने ससुराल को अपनाए। स्नेहा, गंगा को विश्वास दिलाती है कि वह पूरी कोशिश करेगी। दूर खड़ा सिद्धू, छिपकर सब सुन लेता है।

भवानीदेवी के मन में पूर्वी घोलेगी नफरत का ज़हर!

गंगा दोनों के माथे पर तिलक लगाती है। सिद्धू, गंगा का आभार व्यक्त करते हुए कहता है कि अब उन्हें चलना चाहिए। इसके बाद सिद्धू हवेली में फ़ोन कर के सुचना देता है कि वह और स्नेहा वापस आ रहे हैं। यह सुनकर पूर्वी के होश उड़ जाते हैं। वह तुरंत मौके का फायदा उठाती है और भवानीदेवी के मन में स्नेहा के खिलाफ नफरत का जहर घोलते हुए, दोनों के हवेली आने की खबर देती है।

Ganga Mai ki Betiyan 29th July written update: पूर्वी की बढ़ी बेचैनी!

भवानीदेवी ऐलान करती हैं कि वे सब स्नेहा का इंतजार करेंगे और उसे घर आना ही चाहिए। दुर्गावती भी अपनी मां की बात से सहमत होती है और पूर्वी को चुप रहने के लिए कहती है। पूर्वी अंदर से बहुत बेचैन होती है, लेकिन फिर भी मान जाती है।

स्नेद्धू ने एक साथ किया ठाकुर हवेली में प्रवेश!

तभी सिद्धू और स्नेहा हवेली पहुँचते हैं। वे कार से बाहर निकलकर, सीढ़ियाँ चढ़ते हुए एक साथ देहलीज़ पार करते हैं। हॉल में दुर्गावती के साथ भवानीदेवी और पूर्वी भी खड़ी होती हैं। तीनों नफरतभरी निगाहों से सिद्धू और स्नेहा को एक टक देखते हैं..

अब सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि क्या स्नेहा के माफ़ी मांगने पर दुर्गावती उसे माफ़ कर पाएगी? या रिश्तों के इस चक्रव्यूह में माँ और पत्नी से बीच फिर फंस जाएगा सिद्धू?

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'गंगा माई की बेटियाँ' के आने वाले एपिसोड में स्नेहा का व्यवहार सिद्धू के प्रति अचानक क्यों बदल गया?

गंगा के ढाबे पर लगी भीषण आग के दौरान जब स्नेहा की जान खतरे में थी, तब सिद्धू ने अपनी जान की परवाह न करते हुए उसे आग से सुरक्षित बाहर निकाला था। सिद्धू की इस जांबाज़ी और गंगा की समझाइश के बाद स्नेहा के दिल की कड़वाहट दूर हो गई और उसने पूरे दिल से अपने ससुराल को अपनाने का फैसला किया।

सिद्धू की फोन कॉल सुनकर पूर्वी के होश क्यों उड़ गए?

पूर्वी लगातार सिद्धू और स्नेहा के रिश्ते को पूरी तरह खत्म करने की साज़िश रच रही थी। जब सिद्धू ने हवेली में फोन करके यह सूचना दी कि वह स्नेहा के साथ वापस लौट रहा है, तो पूर्वी को अपनी सारी योजनाएं नाकाम होती दिखीं, जिससे उसके होश उड़ गए।

सिद्धू और स्नेहा की वापसी की खबर सुनकर पूर्वी ने भवानीदेवी के सामने क्या किया?

पूर्वी ने जैसे ही सुना कि दोनों वापस आ रहे हैं, वह तुरंत भवानीदेवी के पास पहुँची। उसने भवानीदेवी के मन में स्नेहा के खिलाफ जमकर नफरत का जहर उगलना शुरू कर दिया ताकि भवानीदेवी गुस्से में आकर स्नेहा को हवेली में कदम न रखने दें।

पूर्वी के भड़काने पर भवानीदेवी ने क्या फैसला सुनाया?

पूर्वी की उम्मीदों के विपरीत, भवानीदेवी ने कड़क अंदाज़ में घोषणा की कि वे सब हवेली में स्नेहा का इंतजार करेंगे और स्नेहा को वापस आना ही होगा। भवानीदेवी के इस अप्रत्याशित फैसले ने पूर्वी को पूरी तरह हैरान और बेचैन कर दिया।