Yeh Rishta Kya Kehlata hai 20th April 2026/Image Credit: ScreenGrab / Youtube / @TV Promos India
Yeh Rishta Kya Kehlata hai: ‘Star Plus‘ पर आ रहा दर्शकों का सबसे पसंदीदा शो ‘यह रिश्ता क्या कहलाता है‘ में आज के एपिसोड की शुरुआत एक बहुत ही टेंशन भरे माहौल से होती है जहां अभिरा, रिमांड होम के बाहर मायरा का इंतज़ार करती है। उसी दौरान एक संत, बच्चों को भगवान श्री कृष्ण और सुदामा की कहानी सुना रहे होते हैं।
अभिरा वह कहानी के बोल दोहराती है जैसे कि वह खुद को याद दिला रही हो कि दूर रहने के बाद भी रिश्ते ख़त्म नहीं हो जाते, किन्तु अभिरा का दिल यह मानने को तैयार नहीं होता क्योंकि उसे डर है कि मायरा उससे नाराज़ है इसलिए वह बाहर नहीं आ रही है। यह डर धीरे-धीरे उसके आत्मविश्वास को खोखला कर रहा है। उसे लगता है कि यदि उसकी कोशिशों में कमी रह गई तो कहीं वह एक होनहार वकील और एक दृढ़ माँ का किरदार ना खो बैठे।
उसी दौरान, मुक्ति अभिरा को संभालती है और उसे समझाती है कि यह हिम्मत हारने का समय नहीं है, बल्कि मुश्किलों का डट कर सामना करना का है, वह यह भी कहती है कि मायरा को उसकी हिम्मत की ज़रूरत है न ही किसी शक की.. किन्तु अभिरा को यह डर सता रहा है कि कहीं वह मायरा का केस न हार जाए।
दूसरी और, पोद्दार हाउस में अक्षय तृतीया का त्यौहार मनाया जा रहा है। आर्यन पूजा करता है जिससे घर में शांति का माहौल बनता तो है किन्तु यह शांति ज्यादा देर तक नहीं टिकती। हमेशा की तरह, दमयंती अपनी तीखी ज़बान के साथ घर में प्रवेश करती है और आर्यन पर तंज कसती है कि उसने आज के दिन दिशा को सोने-चांदी का कोई भी तोहफा नहीं दिया है।
उसके बाद आर्यन, दमयंती और ममता को तोहफे देकर पूरी बाज़ी ही पलट देता है। दमयंती की बोलती बंद देखकर, मनीषा उस पल के मज़े लेती है और साथ ही खुश होती है कि किस प्रकार समझदारी से आर्यन ने सब को अपनी तरफ कर लिया है।
अब कहानी वापिस से रिमांड होम की तरफ जाती है जहाँ एक लड़की मायरा से पूछती है कि अभिरा उसे बेल नहीं दिलवा पाई, तो क्या वह उससे नाराज़ है? मायरा का जवाब सब कुछ बदल देता है। वह कहती है कि उसने 8 सालों तक अभिरा को इग्नोर किया, उसकी एक नहीं सुनी, इसलिए अब उसे नाराज़ होने का कोई हक़ नहीं है। अभिरा हमेशा से सही थी लेकिन मायरा नफरत में इतनी अंधी हो गई थी कि उसे सच दिखाई ही नहीं दे रहा था। मायरा कहती है कि उसे अभिरा पर पूरा भरोसा है। अरमान मायरा की यह बातचीत सुन लेता है।
वहीं दूसरी ओर, अभिरा को लगता है कि उसने मायरा का भरोसा खो दिया है। कावेरी, अरमान को कागज़ात साइन करने से रोकती है और उसे याद दिलाती है कि वह हमेशा ही जल्दबाज़ी में फैसला लेता है और फिर बाद में पछताता है। वह यह भी कहती है कि वह अभिरा से सच्चे प्यार का दावा करता है किन्तु उस पर कभी भरोसा नहीं करता। फिर वह ऐसी बात कह देती है जो अरमान को अंदर से झकझोर देती है। वह कहती है कि एक वकील झूठ बोलकर भी केस जीत सकता है लेकिन एक माँ अपना सब कुछ हार जाती है।
पोद्दार हाउस में विद्या बहुत ही खुश है कि मायरा का केस अरमान संभाल लेगा और सब ठीक हो जाएगा। संजय भी यह सुनकर, अरमान को ही केस जिताने वाला एक मात्र जरिया बताता है, तभी कावेरी वहां आकर, विद्या की गलतफहमी दूर करती है और उसे इंतज़ार करने को कहती है।