भारत के निलंबन के बाद केंद्र ने एआईएफएफ मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की

भारत के निलंबन के बाद केंद्र ने एआईएफएफ मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की

भारत के निलंबन के बाद केंद्र ने एआईएफएफ मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:22 pm IST
Published Date: August 16, 2022 11:53 am IST

नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा द्वारा भारत को तीसरे पक्ष के अनुचित प्रभाव के कारण निलंबित किए जाने और देश से अंडर-17 महिला विश्वकप की मेजबानी का अधिकार छीनने के मद्देनजर केंद्र ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) के मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की।

भारत को 11 से 30 अक्टूबर के बीच फीफा टूर्नामेंट की मेजबानी करनी है।

केंद्र की तरफ से उपस्थित सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और ए एस बोपन्ना की पीठ को बताया एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में फीफा ने भारत को निलंबित करने का पत्र भेजा है और इसे रिकॉर्ड में लाने की आवश्यकता है।

पीठ ने मेहता से कहा कि मामला बुधवार के लिए सूचीबद्ध है और वह इसे पहले मामले के रूप में लेने की कोशिश करेगी।

मेहता ने कहा कि फीफा का मुख्यालय जिनेवा में है और उसने कुछ फैसले लिए हैं जो देश के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं और इसे अदालत के सामने लाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अनुरोध करता हूं कि अदालत में लंबित एआईएफएफ मामले पर तत्काल सुनवाई हो।’’

फीफा ने मंगलवार को भारत को ‘तीसरे पक्ष का अनुचित प्रभाव’ का हवाला देकर निलंबित कर दिया और उससे अक्टूबर में होने वाले अंडर-17 महिला विश्व कप के मेजबानी अधिकार छीन लिए।

भाषा पंत

पंत


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