नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि एशियाई खेल कोई ‘एक्सपोजर ट्रिप’ नहीं है और पदक उम्मीदों पर ही फोकस रखते हुए इस बार 600 से कम सदस्यीय दल ही भेजा जायेगा ।
खेलमंत्री ने यहां मीडिया से बातचीत में साफ तौर पर कहा कि जापान में 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों में महज भागीदारी के लिये लंबा चौड़ा दल नहीं भेजा जायेगा।
मांडविया ने कहा ,‘‘ एशियाई खेल कोई एक्सपोजर ट्रिप नहीं है । यह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिये मंच है । इसमें पहले दौर में बाहर होने के लिये किसी को भेजने का कोई फायदा नहीं है। मैं बार बार कहता आया हूं कि अच्छा प्रदर्शन करने वालों के लिये ही भारतीय दल में जगह होगी।’’
उन्होंने कहा , ‘‘एक्सपोजर कहीं और से भी हासिल किया जा सकता है, एशियाई खेल उसके लिये नहीं हैं । सिर्फ नौकरी पाने के लिये भागीदारी के मकसद से जाने के इच्छुक लोगों के नाम पर मंजूरी नहीं दी जायेगी ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ इस बार चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती गई है । इक्के दुक्के मामलों को छोड़कर कहीं कोई विवाद नहीं है और ये मामले भी सुलझ जायेंगे । चयन के मानदंडों के आधार पर ही दल चुना गया है । नौकरी पाने के लिये किसी को एशियाई या राष्ट्रमंडल खेल दल में शामिल करना या किसी के परिजन को सहयोगी स्टाफ बनाकर भेजना अब नहीं होगा ।’’
मांडविया ने चयन प्रक्रिया का ब्यौरा देते हुए कहा कि महासंघों द्वारा चुने गए खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ को आईओए और भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा आकलन के बाद खेल मंत्रालय से मंजूरी मिलने पर ही उसे आधिकारिक भारतीय दल का हिस्सा माना जायेगा ।
उन्होंने कहा ,‘ चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिये पर्यवेक्षक की मौजूदगी में आन कैमरा ट्रायल कराये गए हैं जिसके बाद चुने गए खिलाड़ियों की सूची एनएसएफ आईओ को भेजते हैं ।’’
इसमें आगे कहा गया ,‘‘ भारतीय ओलंपिक संघ इन सुझावों को खेल मंत्रालय के पास समीक्षा और स्वीकृति प्रक्रिया के लिये भेजता है । खेल मंत्रालय इसे साइ को आकलन के लिये भेजता है जिसके बाद साइ से मिलने वाली सूची को अंतिम मंजूरी दी जाती है ।’’
एशियाई खेलों के लिये टीम चयन को लेकर प्रमुख विवादों में घुड़सवार अनुष अगरवाला का मामला है जिन्होंने टीम से बाहर रखे जाने को अदालत में चुनौती दी है । एक सूत्र ने बताया कि खेल मंत्रालय उन्हें टीम में रखे जाने के पक्ष में है ।
अगरवाला और सुदीप्ति हजेला ने अपनी याचिका में उन्हें टीम से बाहर रखने के भारतीय घुड़सवारी महासंघ की तदर्थ समिति के फैसले को चुनौती दी है । उनकी याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश पीठ ने खारिज कर दी हालांकि खंडपीठ उस पर सुनवाई कर रही है ।
सूत्र के अनुसार मंत्रालय अनुष को टीम में रखने के पक्ष में है । सूत्र ने कहा ,‘ उन्हें बाहर किये जाने के फैसले की समीक्षा की जा रही है और मंत्रालय का मानना है कि उसे मौका मिलना चाहिये ।’’
मंत्रालय ने यह भी कहा कि चयन ट्रायल के बाद किसी एनएसएफ द्वारा जारी की गई सूची सरकार द्वारा स्वीकृत भारतीय दल नहीं है ।
मंत्रालय ने कहा कि ऐसी कोई भी सूची महासंघ की आंतरिक चयन प्रक्रिया के आधार पर तैयार की गई सुझाव की सूची है जिसके बाद आईओए और साइ आकलन करके मंत्रालय को सुझाव भेजते हैं और मंत्रालय से मंजूरी प्राप्त खिलाड़ी, कोच और सहयोगी स्टाफ ही एशियाई खेलों के लिये भारत के आधिकारिक दल का हिस्सा होंगे ।
भाषा
मोना नमिता
नमिता