धर्मशाला, 26 मई (भाषा) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के कप्तान रजत पाटीदार ने इंडियन प्रीमियर लीग के क्वालीफायर मुकाबले में गुजरात टाइटंस पर 92 रन की बड़ी जीत के बाद टीम की आक्रामक बल्लेबाजी और सकारात्मक रवैये की जमकर तारीफ की।
पाटीदार ने 33 गेंदों की बेखौफ और विस्फोटक पारी में नाबाद 93 रन बनाकर मैच पर आरसीबी का दबदबा कायम किया। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने पाटीदार ने कहा कि बल्लेबाजों ने जिस इरादे के साथ बल्लेबाजी की, वही टीम की सफलता की सबसे बड़ी वजह रही।
आरसीबी ने पांच विकेट पर 254 रन बनाने के बाद टाइटंस को 162 रन पर आउट कर दिया।
पाटीदार ने मैच के बाद कहा, “यह हमारे लिए शानदार मुकाबला रहा। बल्लेबाजों ने जिस तरह दबदबे के साथ बल्लेबाजी की और शुरुआत से ही आक्रामक इरादा दिखाया, वह टीम के लिए काफी अच्छा रहा।”
उन्होंने कहा, “कोई तय रणनीति नहीं थी, लेकिन हम मानसिक रूप से तैयार थे। हर बल्लेबाज ने अपनी बॉडी लैंग्वेज (सकारात्मक रवैये) से दिखाया कि वह मुकाबले के लिए तैयार है।”
उन्होंने अपनी बल्लेबाजी को लेकर कहा, “मैं शुरुआत में 8-10 गेंदें लेकर पिच को समझने की कोशिश करता हूं। उसके बाद मेरा दिमाग पूरी तरह साफ हो जाता है। मैं अपने विकेट को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं रहता और कोशिश करता हूं कि गेंदबाज पर दबाव बनाया जाए।”
पाटीदार ने यह भी माना कि पिच बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह आसान नहीं थी। उन्होंने कहा, “गेंद पर आसानी से आगे बढ़कर शॉट लगाना आसान नहीं था, क्योंकि उछाल में फर्क था। लेकिन हमने स्थिति के अनुसार खुद को ढाला।”
गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने हार के लिए खराब फील्डिंग को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि टीम 12वें-13वें ओवर तक मुकाबले में बनी हुई थी, लेकिन कैच छोड़ने और कमजोर क्षेत्ररक्षण ने मैच का रुख बदल दिया।
गिल ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि पिच ने हमें चौंकाया। हम मैच में अच्छी स्थिति में थे, लेकिन हमारी क्षेत्ररक्षण स्तर के अनुरूप नहीं रही। कुछ आसान कैच छूटे और ग्राउंड फील्डिंग भी अच्छी नहीं रही।”
उन्होंने कहा, “यह उन मुकाबलों में से एक है, जिसे हम जल्दी भूलकर मोहाली में नई शुरुआत करना चाहेंगे। टीम मीटिंग और अभ्यास सत्र में क्षेत्ररक्षण पर लगातार काम होता है, लेकिन आज दबाव के क्षणों में हम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके।”
गिल ने लक्ष्य का पीछा करने को लेकर कहा, “ऐसे मैदान पर अच्छी शुरुआत बेहद जरूरी होती है। यहां गेंद तेजी से बल्ले पर आती है और आउटफील्ड भी तेज है। अगर पावरप्ले अच्छा जाता, तो यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता था।”
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