जसपाल राणा के परिवार में एक और दुखद घटना: उनकी मां भी नहीं रहीं

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जसपाल राणा के परिवार में एक और दुखद घटना: उनकी मां भी नहीं रहीं

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  • Publish Date - June 29, 2026 / 10:52 AM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 10:52 AM IST

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा का हृदय संबंधी जटिलताओं के कारण निधन होने के कुछ दिनों बाद उनकी मां श्यामा देवी ने भी स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं से जूझने के बाद रविवार को अंतिम सांस ली।

जसपाल का 12 जून को 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। इससे पहले उनकी हृदय संबंधी दिक्कतों के लिए शल्य चिकित्सा कराई गई थी। श्यामा देवी को इसके कुछ दिनों बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया और रविवार को उनका निधन हो गया। रविवार को जसपाल का 50वां जन्मदिन होता।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पोस्ट किया, ‘‘हमें नारायण सिंह राणा जी की पत्नी और प्रसिद्ध भारतीय निशानेबाज पद्म श्री दिवंगत जसपाल राणा जी की पूज्य माताजी के निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दे।’’

श्यामा देवी का निधन जसपाल के पिता नारायण सिंह राणा के लिए एक बड़ा झटका है, जो अभी अपने बेटे के निधन के शोक से उबरे भी नहीं थे।

जसपाल के परिवार में उनकी पत्नी रीना राणा, बेटी देवांशी, बेटा युवराज और उनकी बहन सुषमा सिंह तथा भाई सुभाष राणा शामिल हैं।

जसपाल भारत के सर्वश्रेष्ठ पिस्टल निशानेबाजों में से एक थे, जिन्होंने कोचिंग में बेहद सफल बदलाव किए और पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर को ऐतिहासिक दो कांस्य पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निधन के समय वह भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के ‘हाई परफार्मेंस कोच’ के रूप में कार्यरत थे।

जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से भारतीय दल की वापसी की उड़ान के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। नयी दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और हृदय में रुकावट को दूर करने के लिए एक स्टेंट लगाया गया।

जसपाल ने अपने करियर में राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में कई पदक जीते।

भाषा

पंत वैभव

वैभव