भारत को टी20 में अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने की जरूरत: मजूमदार

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भारत को टी20 में अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने की जरूरत: मजूमदार

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  • Publish Date - June 29, 2026 / 11:23 AM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 11:23 AM IST

लंदन, 29 जून (भाषा) भारत के महिला टी20 विश्व कप के ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने स्वीकार किया कि टीम ने तीनों विभाग में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया और उसे खेल के सबसे छोटे प्रारूप में अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने की जरूरत है।

भारत को सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत की जरूरत थी लेकिन उसकी टीम 170 रन का बचाव करने में नाकाम रही और लगातार दूसरी बार लीग चरण से आगे नहीं बढ़ पाई।

मजूमदार ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें अपनी रणनीति या अपने टी20 खेल पर फिर से विचार करना होगा। हमें वास्तव में यह तय करना होगा कि हम किस संयोजन के साथ खेलने जा रहे हैं।’’

भारत ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और नीदरलैंड पर आसान जीत दर्ज की, लेकिन दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से मिली हार ने कई कमियों को उजागर किया।

मजूमदार ने कहा,‘‘अगर मुझे पूरे टूर्नामेंट में कुछ खास बातों पर ध्यान देना हो, तो मुझे लगता है कि हमें अपनी गेंदबाजी और फील्डिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हमें बल्लेबाजी में भी थोड़ा आक्रामक होना होगा। ऐसा करने पर हम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 से 20 रन अधिक बना सकते थे।’’

भारतीय कोच ने हालांकि कहा कि उनकी टीम ने चुनौती पूर्ण स्कोर बनाया था लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने उनसे बेहतर प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने अच्छा स्कोर बनाया था। हमने पारी के अंत में लय भी हासिल कर ली थी और मुझे लगता है कि हमने इसे मैदान पर भी बरकरार रखा। लेकिन आखिर में ऑस्ट्रेलिया हमसे बेहतर टीम साबित हुई।’’

असल में पूरे टूर्नामेंट में भारत की बल्लेबाजी कभी भी लय में नहीं दिखी। शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के नियमित योगदान के बावजूद मध्य क्रम के बल्लेबाज अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में बार-बार नाकाम रहे।

भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पावर प्ले में बिना किसी नुकसान के 43 रन बनाए लेकिन मजूमदार ने कहा कि सलामी बल्लेबाज इससे बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम थोड़ा अधिक आक्रामक होकर खेल सकते थे। पावर प्ले हमारे अनुकूल नहीं रहा। हम उस समय 15 से 20 रन अधिक बना सकते थे जिससे अंतर पैदा हो सकता था।’’

भाषा

पंत

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