आर्टिक ओपन: अनमोल खरब सेमीफाइनल में यामागुची से हारी

आर्टिक ओपन: अनमोल खरब सेमीफाइनल में यामागुची से हारी

आर्टिक ओपन: अनमोल खरब सेमीफाइनल में यामागुची से हारी
Modified Date: October 11, 2025 / 04:21 pm IST
Published Date: October 11, 2025 4:21 pm IST

वंता (फिनलैंड) 11 अक्टूबर (भाषा) उभरती हुई भारतीय खिलाड़ी अनमोल खरब का आर्टिक ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार सफर शनिवार को यहां सेमीफाइनल में तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से हार के साथ खत्म हुआ।

एशियाई टीम चैंपियनशिप 2024 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रही फरीदाबाद की 18 साल की इस खिलाड़ी ने दोनों गेम की शुरुआत में जापान की दिग्गज खिलाड़ी को चुनौती दी लेकिन ज्यादा देर तक लय बरकरार नहीं रख सकी।

यामागुची ने 29 मिनट तक चले मैच को आसानी से 21-10, 21-10 से जीता।

यामागुची के सामने खिताबी मुकाबले में थाईलैंड की दो खिलाड़ियों के बीच होने वाले सेमीफाइनल के विजेता की चुनौती होगी।  दूसरे सेमीफाइनल में बुसानन ओंगबामरुंगफान और दूसरी वरीयता प्राप्त रत्चानोक इंतानोन का मुकाबला होगा।

खरब के लिए हालांकि सुपर 500 स्तर के टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अपने अभियान के दौरान वेन ची ह्सू (विश्व रैंकिंग 32) और छठी वरीयता प्राप्त लिन ह्सियांग टी (विश्व नंबर 21) जैसी अनुभवी खिलाड़ियों को हराने के बाद डेनमार्क की एमिली शुल्ज को 21-15, 21-14 से हराकर अपने पहले सुपर 500 स्तर के टूर्नामेंट के  सेमीफाइनल में प्रवेश किया था।

विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज जापान की खिलाड़ी ने पहले गेम में 7-3 की बढ़त के साथ मजबूत शुरुआत की लेकिन खरब ने इस अंतर को 7-6 तक कम किया और फिर ब्रेक तक टक्कर देते हुए स्कोर को 11-9 रखा । यामागुची ने ब्रेक के बाद अगले 11 में ये 10 अंक जीत कर अपना दबदबा कायम किया।

यामागुची ने दूसरे गेम में 7-3 की बढ़त के साथ मजबूत शुरुआत की लेकिन खरब ने इस अंतर को 11-9 तक कम किया। खरब 12-14 के स्कोर के साथ मुकाबले में बनी हुई थी लेकिन वह वापसी के लिए ज्यादा जोर लगाने के चक्कर में कई गलतियां कर बैठी और मुकाबला उनके हाथ से निकल गया।

खरब इस वर्ष के शुरू में कैमरून इंटरनेशनल में उपविजेता रही थीं। उन्होंने बेल्जियम और पोलैंड में इंटरनेशनल चैलेंजर्स में भी जीत हासिल की थी। वह जापान की इस स्टार खिलाड़ी के खिलाफ मुकाबले से काफी सबक लेंगी।

भाषा आनन्द पंत

पंत


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