पंत के प्रदर्शन से अश्विन निराश, मैच की परिस्थितियों के मुताबिक खेलने की सलाह

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पंत के प्रदर्शन से अश्विन निराश, मैच की परिस्थितियों के मुताबिक खेलने की सलाह

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  • Publish Date - August 28, 2026 / 05:23 PM IST,
    Updated On - August 28, 2026 / 05:23 PM IST

नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) भारत के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने श्रीलंका के खिलाफ हालिया टेस्ट श्रृंखला में ऋषभ पंत के शॉट चयन और फैसले लेने की क्षमता पर सवाल उठाते कहा कि विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज अब तक उनसे की गई उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतर पाए हैं।

दो टेस्ट मैच की श्रृंखला में भारतीय टीम प्रबंधन ने विकेटकीपर की भूमिका के लिए पंत पर भरोसा जताया था। पंत ने श्रृंखला में 168 रन बनाए जिसमें दो अर्धशतक शामिल रहे। हालांकि उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और शॉट चयन एक बार फिर सवालों के घेरे में रहा। अश्विन ने साफ किया कि 50 से ज्यादा टेस्ट मैच खेल चुके पंत से अब वह अधिक जिम्मेदारी और बेहतर निर्णय लेने की उम्मीद करते हैं।

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर कहा, ‘ऋषभ पंत से मेरी उम्मीदें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। मुझे यह कहते हुए बहुत अफसोस हो रहा है। सोनल दिनुशा का स्ट्राइक रेट भी काफी अच्छा था, लेकिन असली अंतर उनके इरादे और शॉट चयन में है। पंत के शॉट में जोखिम बहुत ज्यादा होता है। जब मैच आपके हाथ में हो, तब यह कहना कि ऋषभ इसी तरह खेलता है, कोई जवाब नहीं है। असली सवाल यह है कि उस समय आपकी टीम को क्या जरूरत है।’’

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पिछले साल संन्यास लेने वाले अश्विन ने कहा कि पंत की आक्रामक शैली को खराब फैसलों का बहाना नहीं बनाया जा सकता। खासकर तब, जब टेस्ट मैच किसी निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका हो। उनके मुताबिक, टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज के लिए अपनी स्वाभाविक शैली के साथ-साथ मैच की परिस्थिति को समझना भी बेहद जरूरी है।

अश्विन ने पंत की कुछ बेहतरीन पारियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘ऋषभ ने सिडनी और ब्रिस्बेन में शानदार पारियां खेलीं, लेकिन आप वॉशिंगटन सुंदर और शारदुल ठाकुर के योगदान के बिना वह मैच नहीं जीत सकते थे। टेस्ट मैच को तैयार करने और उसके आखिरी सत्र में जीत हासिल करने के लिए 11 क्रिकेटरों के योगदान की जरूरत होती है, लेकिन एक टेस्ट मैच गंवाने के लिए सिर्फ एक गलत फैसला ही काफी होता है।’’

अश्विन ने पंत की तुलना भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और ऑस्ट्रेलिया के महान विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट से किए जाने पर भी आपत्ति जताई। सहवाग और गिलक्रिस्ट दोनों टेस्ट क्रिकेट में अपने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज के लिए जाने जाते थे।

अश्विन ने कहा कि उनका सवाल पंत की आक्रामकता को लेकर नहीं बल्कि ऐसी परिस्थिति को लेकर है जब मैच का नतीजा दांव पर लगा होने के बावजूद वह जोखिम लेना जारी रखते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिर्फ उन मौकों की बात कर रहा हूं, जब मैच बेहद महत्वपूर्ण स्थिति में हो और तब इस तरह के जोखिम लिए जाएं। मुझे खिलाड़ी के तौर पर पंत बेहद पसंद हैं। लेकिन इस प्रारूप में आपको परिस्थितियों के हिसाब से खेलना होता है।’’

अश्विन ने सहवाग और गिलक्रिस्ट का उदाहरण देते हुए कहा, ‘‘सहवाग और गिलक्रिस्ट ने एक अलग स्तर का आक्रामक क्रिकेट खेला, लेकिन जब आपकी टीम 500 रन से पीछे हो और आप मार्को यानसन के खिलाफ आगे बढ़कर शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो जाएं, तो सहवाग और गिलक्रिस्ट का नाम लेकर इसे सही नहीं ठहराया जा सकता। मेरे सामने दोबारा इस तरह की ‘मार्केटिंग’ वाली बातें मत रखिए।’’

अश्विन ने इस तर्क को भी खारिज किया कि पंत को इसलिए विशेष समर्थन दिया जाना चाहिए क्योंकि उन्हें ‘एक पीढ़ी में एक बार आने वाला खिलाड़ी’ माना जाता है। उनका कहना है कि यदि किसी युवा खिलाड़ी को उसकी प्रतिभा के आधार पर इतना विशेष भरोसा दिया जाता है, तो यही समर्थन दूसरे प्रतिभाशाली भारतीय खिलाड़ियों को भी मिलना चाहिए।

उन्होंने युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी इसी तरह की प्रतिभा रखने वाले खिलाड़ी हैं।

अश्विन ने कहा, ‘‘किसी एक खिलाड़ी के साथ विशेष व्यवहार मत कीजिए। अगर आप ‘एक पीढ़ी में एक बार आने वाले खिलाड़ी’ के नाम पर किसी को विशेष समर्थन देते हैं, तो यही समर्थन सभी को दीजिए। जायसवाल भी ऐसा ही खिलाड़ी है।’

उन्होंने पंत को उनके अनुभव के अनुरूप अधिक जिम्मेदारी उठाने की सलाह दी। अश्विन ने कहा कि पंत अब 50 टेस्ट मैच खेल चुके हैं और इस स्तर पर उनसे अपने फैसलों की जिम्मेदारी लेने की अपेक्षा स्वाभाविक है।

अश्विन ने कहा, ‘मुझे खिलाड़ी के रूप में ऋषभ पंत बेहद पसंद हैं लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्हें यह समझना होगा कि कब अपने स्वाभाविक आक्रामक खेल पर भरोसा करना है और कब मैच की परिस्थितियों के मुताबिक बल्लेबाजी करनी है। ’’

भाषा

आनन्द नमिता

नमिता