छात्रों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी : बिहार के शिक्षा मंत्री

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छात्रों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी : बिहार के शिक्षा मंत्री

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  • Publish Date - August 28, 2026 / 05:20 PM IST,
    Updated On - August 28, 2026 / 05:20 PM IST

पटना, 28 अगस्त (भाषा) बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुक्रवार को कहा कि यदि छात्रों को किसी भी कारण से परेशानी हो रही है तो उसका समाधान करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।

तिवारी का यह बयान शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) एक ही चरण में कराने की मांग सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने और छात्रों की ओर से इस मुद्दे को लेकर अपना आंदोलन समाप्त करने के बाद आया। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “यदि छात्रों को किसी भी कारण से समस्या है तो उसका समाधान करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।”

उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और सरकार उनके हित में निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को घोषणा की थी कि बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा अगले महीने आयोजित की जाने वाली चौथी शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) एक ही चरण में होगी। यह आंदोलनरत अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में शामिल थी।

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर यह घोषणा प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के बाद की। इससे कुछ दिन पहले राजधानी पटना में उस समय अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई थी, जब प्रदर्शनकारी एकल चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का प्रयास कर रहे थे।

चौधरी ने ‘एक्स’ पर लिखा था, “सरकार शुरू से ही छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर रही है। अब निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष की टीआरई-4 परीक्षा एक ही चरण में आयोजित की जाएगी।”

करीब तीन सप्ताह तक चले आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ऑल बिहार स्टूडेंट्स यूनियन के नेताओं ने कहा, “यह बिहार के छात्रों की ऐतिहासिक जीत है। हमने 15 सूत्री मांगपत्र सौंपा था। टीआरई-4 को एक ही चरण में कराना उनमें से एक प्रमुख मांग थी। सरकार ने हमारी सभी मांगों पर कार्रवाई करने पर सहमति जताई है।”

भाषा कैलाश धीरज

धीरज