नयी दिल्ली, 14 सितंबर (भाषा) भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने सोमवार को कहा कि महिला क्रिकेट टीम का एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के पाकिस्तानी प्रमुख मोहसिन नकवी से एशिया कप ट्रॉफी नहीं लेना बोर्ड का मौजूदा परिस्थितियों और भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया ‘सोचा समझा संस्थागत’ फैसला है।
भारतीय महिला टीम ने रविवार को दुबई में खेले गए फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराया, लेकिन उन्होंने नक़वी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की।
इससे पहले 2025 में भारतीय पुरुष टीम ने भी एशिया कप जीतने पर पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में नक़वी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। उस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे।
सैकिया ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमने सभी मौजूदा पहलुओं पर विचार करते हुए सोच समझ कर यह फैसला लिया था। हमने पहले ही एसीसी को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया था कि इन परिस्थितियों में भारतीय टीम पुरस्कार वितरण समारोह में भाग नहीं लेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘देश में व्याप्त परिस्थितियों और भावनाओं पर गौर करते हुए बीसीसीआई को लगा कि टीम के लिए प्रस्तावित तरीके से ट्रॉफी प्राप्त करना उचित नहीं होगा।’’
सैकिया ने कहा, ‘‘यह एक दृढ़ संस्थागत निर्णय था, जो हमारे रुख को दर्शाता है। इसका मकसद खिलाड़ियों, टूर्नामेंट या खेल पर सवाल उठाना नहीं था।’’
पिछले साल अप्रैल में हुए आतंकी हमले के बाद मई में दोनों देशों के बीच संक्षिप्त सैन्य टकराव भी हुआ था।
भाषा
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