एशियाई खेल: भारत की क्विम्सी डिसूजा टेकबॉल में ऐतिहासिक पदक के करीब

एशियाई खेल: भारत की क्विम्सी डिसूजा टेकबॉल में ऐतिहासिक पदक के करीब

एशियाई खेल: भारत की क्विम्सी डिसूजा टेकबॉल में ऐतिहासिक पदक के करीब
Modified Date: September 18, 2026 / 04:28 pm IST
Published Date: September 18, 2026 4:28 pm IST

नागोया (जापान), 18 सितंबर (भाषा) भारत की क्विम्सी जोआकिम डिसूजा ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की टेकबॉल प्रतियोगिता के महिला एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाई और इस तरह से वह इस खेल में ऐतिहासिक पदक जीतने के करीब पहुंच गई।

एशियाई खेलों में पदार्पण करते हुए क्विम्सी ने नागोया सिटी हिगाशी स्पोर्ट्स सेंटर में खेले गए अपने ग्रुप ए के पहले मैच में जापान की शीर्ष वरीयता प्राप्त युइना सकामोटो को 2-1 (10-12 12-11 13-11) से हराकर उलटफेर किया। यह मैच 43 मिनट तक चला।

इस युवा भारतीय खिलाड़ी ने ग्रुप के अपने दूसरे मैच में भी लय बरकरार रखते हुए कंबोडिया की कोएमयेन डीवाई को केवल 24 मिनट में 2-0 (12-9 12-7) से हराकर अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया।

अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहने के कारण उन्हें बाइ मिल गई और उन्हें क्वार्टर फाइनल नहीं खेलना पड़ा।

वह शनिवार को सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की सुमाया से भिड़ेंगी और इस मैच में जीत हासिल करने पर टेकबॉल में भारत का पहला पदक पक्का हो जाएगा। यह 24 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी इस मैच में हार भी जाती है तो उन्हें प्लेऑफ के जरिए पदक हासिल करने का एक और मौका मिलेगा।

टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है। इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था।

पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी।

टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं।

भाषा

पंत मोना

मोना


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