ऋषभ पंत से कहा कि पांचवें नंबर के बल्लेबाज के रूप में मुझ पर भरोसा रखें : पॉवेल

ऋषभ पंत से कहा कि पांचवें नंबर के बल्लेबाज के रूप में मुझ पर भरोसा रखें : पॉवेल

ऋषभ पंत से कहा कि पांचवें नंबर के बल्लेबाज के रूप में मुझ पर भरोसा रखें : पॉवेल
Modified Date: November 29, 2022 / 09:00 pm IST
Published Date: May 6, 2022 11:18 am IST

मुंबई, छह मई (भाषा) आईपीएल-15 में अब तक बल्लेबाजी क्रम में विभिन्न नंबरों पर खेलने वाले रोवमैन पॉवेल ने कप्तान ऋषभ पंत से उन पर पांचवें नंबर के बल्लेबाज के रूप में भरोसा दिखाने के लिये कहा था और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स की जीत के दौरान उन्होंने अपने पसंदीदा स्थान पर उतरकर धमाकेदार पारी खेली।

पॉवेल ने गुरुवार को यहां 35 गेंदों में नाबाद 67 रन बनाये तथा डेविड वार्नर (नाबाद 92) के साथ शतकीय साझेदारी की जिससे दिल्ली ने यह मैच 21 रन से जीता।

पॉवेल ने मैच के बाद मेजबान प्रसारक स्टार स्पोर्ट्स से कहा, ‘‘मैंने उनसे (पंत) कहा कि पांचवें नंबर के बल्लेबाज के रूप में मुझ पर भरोसा रखें। मुझे शुरुआत करने का मौका दें। पहली 15-20 गेंदों को समझने दें। मैं इसी तरह से बल्लेबाजी करना चाहता हूं। पहली 20 गेंदों के बाद मैं उसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करूंगा।’’

उन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा, ‘‘आईपीएल में खेलने से पहले मुझे पता था कि मैं अच्छी फॉर्म में हूं। मैं जानता था कि मैंने कड़ी मेहनत की है।’’

इस 28 वर्षीय ऑलराउंडर ने इंडियन प्रीमियर लीग में छठे नंबर के बल्लेबाज के रूप में शुरुआत की। इसके बाद वह दो मैचों में पांचवें नंबर पर उतरे लेकिन फिर से उन्हें छठे नंबर पर भेज दिया गया। जब उन्हें आठवें नंबर पर भेजा गया तो वह काफी निराश थे।

पॉवेल ने कहा, ‘‘आईपीएल के शुरू में मेरे लिये थोड़ा मुश्किल था लेकिन मुझे खुद पर विश्वास था। मैंने ऋषभ के साथ बातचीत की। उन्हें बताया कि मैं आठवें नंबर पर उतरने से थोड़ा निराश था।’’

सनराइजर्स के खिलाफ पॉवेल ने आखिरी ओवर में लंबे शॉट खेले जिससे वार्नर को शतक पूरा करने का मौका नहीं मिला।

पॉवेल ने अंतिम ओवर को लेकर वार्नर से बातचीत के बारे में कहा, ‘‘ओवर के शुरू में मैंने उनसे कहा कि क्या आप चाहते हो कि मैं एक रन लूं जिससे आप शतक पूरा कर सको। उन्होंने कहा, सुनो क्रिकेट ऐसा नहीं खेला जाता है। आपको अधिक से अधिक लंबे शॉट खेलने का प्रयास करना चाहिए और मैंने ऐसा किया।’’

भाषा

पंत

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