हॉकी में उत्पीड़न के आरोपों पर असुंथा लाकड़ा का खेल मंत्रालय से दखल का अनुरोध

हॉकी में उत्पीड़न के आरोपों पर असुंथा लाकड़ा का खेल मंत्रालय से दखल का अनुरोध

हॉकी में उत्पीड़न के आरोपों पर असुंथा लाकड़ा का खेल मंत्रालय से दखल का अनुरोध
Modified Date: July 10, 2026 / 06:34 pm IST
Published Date: July 10, 2026 6:34 pm IST

(मोना पार्थसारथी)

नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) भारत की पूर्व कप्तान असुंथा लाकड़ा ने हॉकी में यौन उत्पीड़न के आरोपियों को बचाने, महिला खिलाड़ियों के साथ दुव्यर्वहार और धमकाने के आरोप लगाते हुए खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर तुरंत दखल का अनुरोध किया है हालांकि हॉकी इंडिया महासचिव ने इन आरोपों का खंडन किया है ।

असुंथा ने खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी टी उषा, खेल सचिव, टॉप्स प्रमुख और भारतीय ओलंपिक संघ के खिलाड़ी आयोग को लिखे पत्र में कहा ,‘‘ मैं आपको भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान , हॉकी इंडिया के कार्यकारी बोर्ड की सदस्य और एक चयनकर्ता के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक भारतीय महिला के तौर पर भी लिख रही हूं, जिसने तब आवाज उठाई जब युवा महिला खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न हो रहा था ।’’

उन्होंने आगे लिखा ,‘‘एक दशक से अधिक समय तक मुझे भारत की जर्सी पहनने का मौका मिला। अपने पूरे करियर में मेरा मानना ​​था कि एक सीनियर खिलाड़ी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी पदक जीतना ही नहीं है, बल्कि अगली पीढ़ी को बचाना भी है। इसी भावना से मैंने झारखंड सरकार का ध्यान रांची में एकलव्य हॉकी अकादमी में कोच सुधीर गोला पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की ओर दिलाया।’’

उन्होंने कहा,‘‘ इसके बाद जो हुआ, उसने व्यवस्था पर से मेरा भरोसा हिला दिया है। गलत के खिलाफ आवाज उठाने वाले को बचाने की बजाय उसे ही धमकाया जा रहा है । झारखंड सरकार द्वारा बर्खास्त किये जाने के बावजूद गोला लड़कियों के होस्टल में घुसा और शिकायत वापिस लेने के लिये दबाव बनाया ।’’

राष्ट्रमंडल खेल 2006 और 2010 में भारतीय टीम की सदस्य रही असुंथा ने हॉकी इंडिया महासचिव भोलानाथ सिंह पर उन्हें धमकाने का आरोप लगाया ।

लंदन ओलंपिक 2012 के क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट में भारत की कप्तान रही इस अनुभवी पूर्व खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ मैने गोला के खिलाफ आवाज उठाई तो मुझे हॉकी इंडिया महासचिव भोलानाथ सिंह ने फोन पर धमकी दी थी कि औकात में रहकर बात किया करो । उन्होंने यह भी कहा कि मुझे कोई नहीं हटा सकता, न हॉकी झारखंड और न ही हॉकी इंडिया ।’’

असुंथा ने कहा ,‘‘मैं अगर उनके लिये आवाज नहीं उठाऊंगी तो यह चलता रहेगा लेकिन मेरे कदम उठाने की वजह से मुझे धमकी मिल रही है । मेरे पति को भी धमकी दी गई । गोला खुलेआम बोलता है कि झारखंड में मर्डर करो या रेप, नौकरी मिल ही जाती है । उसने यह भी कहा कि आदिवासियों का दिमाग घुटने में होता है ।’’

वहीं भोलानाथ सिंह ने इन आरोपों को चुनावी शिगूफा करार देते हुए कहा ,‘‘ मैने किसी को धमकी नहीं दी है और न ही उपेक्षा की है । हॉकी झारखंड और हॉकी इंडिया के चुनाव आ रहे हैं और हमें बदनाम करने की सोची समझी साजिश है ।’

हॉकी झारखंड के चुनाव 19 जुलाई को होने हैं ।

असुंथा ने इस बात से इनकार किया कि इस मामले का चुनाव से कोई सरोकार है । उन्होंने कहा ,‘‘ हमें तो कभी पता ही नहीं चलता चुनाव के बारे में । पदाधिकारी चुने जाने के बाद हमें पता चलता था लेकिन हम चाहते हैं कि हॉकी की कमान हॉकी खिलाड़ियों के ही हाथ में हो ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ हमारे खेल को बचाने की जरूरत है । खिलाड़ियों के साथ ऐसा बर्ताव करना बंद करे । देश के लिये खून पसीना बहाने के बाद क्या हम ये धमकी सुनने के लिये बैठे हैं । खिलाड़ी सिर्फ फोटो शूट के लिये हैं क्या ।’’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हॉकी झारखंड को पहलवान चला रहे हैं और वहां कोषाध्यक्ष को छोड़कर कोई हॉकी से जुड़ा नहीं रहा है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ झारखंड हॉकी को कुश्ती वाले चला रहे हैं । जो इस समय महासचिव है, वह मेरे खेलने के दिनों में कैटरर का काम करते थे ।’’

इस आरोप को खारिज करते हुए भोलानाथ ने कहा ,‘‘हम हॉकी झारखंड के 2014 से अध्यक्ष हैं और वहां के विकास के बारे में बताने की जरूरत नहीं है । आप खुद देख सकते हैं । असुंथा भी 2014 से मेरे साथ हॉकी झारखंड में काम कर रही है ।’’

यह पूछने पर कि हॉकी इंडिया की आमसभा की विशेष बैठक में असुंथा के साथ बदसलूकी हुई, उन्होंने कहा,‘‘ जो मीटिंग में थे आप उनसे पूछ लीजिये कि क्या हुआ था ।’’

इस बीच हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने असुंथा को भारतीय हॉकी की धरोहर बताया और कहा कि वह दोनों पक्षों से बात करके मामले को सुलझाने की कोशिश करेंगे ।

उन्होंने भाषा से कहा ,‘‘असुंथा लाकड़ा भारतीय हॉकी की धरोहरों में से एक हैं। उन्होंने झारखंड हॉकी से जुड़ी एक बुरी घटना को सामने लाकर बहुत अच्छा काम किया है । झारखंड सरकार ने सुधीर गोला के खिलाफ कार्रवाई की है, और हमने उन्हें तुरंत अंडर-18 टीम से हटा दिया।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘सुधीर गोला साइ या हॉकी इंडिया से जुड़े नहीं हैं और झारखंड सरकार को मौजूदा कानूनों के हिसाब से उनके खिलाफ सही कार्रवाई करनी चाहिये जो मुझे लगता है कि वे करेंगे।’

उन्होंने भोलानाथ सिंह पर लगे आरोपों के बारे में कहा ,‘‘ मैं दोनों पक्षों से बात करूंगा और उम्मीद करता हूं कि मामला आपसी सहमति से सुलझ जाएगा। महिलाओं की इज्जत और सम्मान हमारी प्राथमिकता है।’’

भाषा

मोना नमिता

नमिता


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