बैडमिंटन अब शतरंज के खेल की तरह बन गया है: कर्स्टी गिल्मोर

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बैडमिंटन अब शतरंज के खेल की तरह बन गया है: कर्स्टी गिल्मोर

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  • Publish Date - August 17, 2026 / 03:44 PM IST,
    Updated On - August 17, 2026 / 03:44 PM IST

(सोमोज्योति एस चौधरी)

नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) मौजूदा यूरोपीय महिला एकल चैंपियन कर्स्टी गिल्मोर ने आधुनिक खेल शैली की तुलना शतरंज से करते हुए कहा है कि बैडमिंटन अब शारीरिक खेल के साथ-साथ मानसिक खेल भी बन गया है।

गिल्मोर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बैडमिंटन में काफी बदलाव आया है और अब इसमें मानसिक मजबूती की भूमिका शारीरिक दृढ़ता जितनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।

विश्व रैंकिंग में 35वें स्थान पर काबिज स्कॉटलैंड की गिल्मोर ने कहा, ‘‘एक तरफ खिलाड़ियों के बीच मुकाबला चल रहा होता है और दूसरी तरफ शतरंज का खेल भी। मैं अपने खेल के शारीरिक पक्ष के साथ मानसिक पक्ष पर भी काफी काम कर रही हूं जो अब बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।’’

गिल्मोर सोमवार से यहां शुरू हुई विश्व चैंपियनशिप के पहले दौर में पांचवीं वरीयता प्राप्त चीन की हान यूइ के खिलाफ 22-20, 13-21, 13-21 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।

इसी स्थल पर इस साल की शुरुआत में आयोजित इंडिया ओपन की तुलना में मौजूदा विश्व चैंपियनशिप के बेहतर इंतजामों की सराहना करते हुए 32 वर्षीय गिल्मोर ने महिला शौचालयों में सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध होने पर खुशी जताई। 2013 में पदार्पण करने के बाद वह 10वीं बार विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहीं थी।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी बात है। हम इसके लिए जितना संभव हो उतनी योजना बनाते हैं लेकिन कभी-कभी हमारे शरीर की अपनी अलग योजनाएं होती हैं। हार्मोन भी अलग तरह से काम करते हैं इसलिए अगर हमारे लिए शौचालय संबंधी सुविधाएं हैं तो सैनिटरी उत्पाद भी होने चाहिए।’’

गिल्मोर ने कहा, ‘‘मुझे स्कॉटलैंड से होने पर बहुत गर्व है क्योंकि सार्वजनिक स्थानों पर सैनिटरी उत्पाद उपलब्ध कराना अनिवार्य करने वाला वह दुनिया का पहला देश है। मैं यहां और अन्य देशों में भी इसे अपनाए जाते देखना चाहूंगी।’’

गिल्मोर मौजूदा टूर्नामेंट के लिए किए गए बेहतर इंतजामों से काफी खुश हैं। इंडिया ओपन के दौरान कोर्ट पर कबूतरों की बीट और दर्शक दीर्घा में बंदर देखे जाने की तस्वीरों ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। इसके अलावा दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता और आयोजन स्थल के अंदर बेहद ठंडे माहौल ने भी खिलाड़ियों की परेशानी बढ़ाई थी।

खिलाड़ियों और खेल से जुड़े लोगों की आलोचना के बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) और भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में नवीनीकरण का काम कराया।

गिल्मोर ने कहा कि मौजूदा प्रतियोगिता में कोर्ट पर ड्रिफ्ट की समस्या है लेकिन यह सभी खिलाड़ियों के लिए समान है।

उन्होंने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो यह काफी चुनौतीपूर्ण है। अभ्यास के दौरान आगे और पीछे की ओर ड्रिफ्ट इतना अधिक नहीं था और परिस्थितियां काफी अच्छी थीं लेकिन बगल से होने वाले ड्रिफ्ट के कारण मैंने कई अंक गंवाए।’’

गिल्मोर ने कहा, ‘‘उस समय मैंने बिल्कुल अलग कोर्ट पर खेला था। इंडिया ओपन में मैं कोर्ट नंबर चार पर खेली थी जबकि इस बार मैं सेंटर कोर्ट पर थी। परिस्थितियां समान हैं। रोशनी अच्छी थी और मुझे लगता है कि इंडिया ओपन की तुलना में इस बार व्यवस्थाएं काफी बेहतर हैं। यह एक अच्छा पेशेवर आयोजन नजर आ रहा है।’’

भाषा सुधीर पंत

पंत