बीसीबी ने खिलाड़ी विरोधी टिप्पणी के लिए अपने निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया

बीसीबी ने खिलाड़ी विरोधी टिप्पणी के लिए अपने निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 03:11 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 03:11 PM IST

ढाका, 15 जनवरी (भाषा) बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने बृहस्पतिवार को अपने निदेशक एम नजमुल इस्लाम को भारत के साथ चल रहे विवाद के बीच देश के खिलाड़ियों के खिलाफ उनकी टिप्पणियों के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया और उम्मीद जताई कि नाराज क्रिकेटर बहिष्कार की अपनी धमकी वापस लेंगे जिससे उसकी प्रमुख टी20 लीग बाधित हो सकती है।

बृहस्पतिवार को यहां नोआखली एक्सप्रेस और चटगांव रॉयल्स के बीच बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) मैच में टॉस में देरी हुई और मीडिया की खबरों के अनुसार ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि दोनों में से कोई भी टीम आसोजन स्थल पर नहीं पहुंची। खिलाड़ियों ने धमकी दी है कि जब तक नजमुल इस्तीफा नहीं देते वे सभी तरह के क्रिकेट का बहिष्कार करेंगे।

बीसीबी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) बोर्ड के एक सदस्य द्वारा हाल ही में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर अपना खेद फिर दोहराता है। बीसीबी इन टिप्पणियों से हुई चिंता को स्वीकार करता है और पेशेवरपन, क्रिकेटरों के प्रति सम्मान और क्रिकेट के खेल को बढ़ावा देने वाले मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है।’’

विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘बोर्ड ने संबंधित बोर्ड सदस्य के खिलाफ पहले ही औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और संबंधित व्यक्ति को 48 घंटे के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया गया है।’’

यह हंगामा तब शुरू हुआ जब नजमुल ने अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप के लिए भारत नहीं जाने की बात को दोहराते हुए देश के पीछे हटने की स्थिति में खिलाड़ियों की पारिश्रमिक से संबंधित चिंताओं को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मुआवजा नहीं दिया जाएगा क्योंकि उन्होंने अब तक समर्थन को सही नहीं ठहराया है।

बांग्लादेश भारत जाने से इनकार कर रहा है और सुरक्षा चिंताओं का हवाला दे रहा है क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के निर्देश पर तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर कर दिया गया था। मुस्ताफिजुर को बाहर करने के लिए ‘चारों ओर की घटनाओं’ का हवाला दिया गया।

बीसीबी अब भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के साथ बातचीत कर रहा है जिससे कि कोई रास्ता निकाला जा सके क्योंकि वैश्विक संचालन संस्था ने भारत में बांग्लादेश के चार मैच को श्रीलंका में स्थानांतरित करने में अनिच्छा जताई है।

बीसीबी ने कहा कि वह नजमुल से निपटेगा लेकिन खिलाड़ियों से क्रिकेट का बहिष्कार नहीं करने का आग्रह किया।

बीसीबी ने कहा, ‘‘इस मामले को सही प्रक्रिया से निपटा जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी। बीसीबी को पूरा भरोसा है कि खिलाड़ी ही मुख्य हितधारक हैं और बीपीएल तथा बोर्ड के तहत होने वाली सभी क्रिकेट गतिविधियों की जान हैं।

बयान के अनुसार, ‘‘बोर्ड को पूरी उम्मीद है कि क्रिकेटर टूर्नामेंट को सफलतापूर्वक पूरा करने में सहयोग करके और बीपीएल 2026 की निरंतरता सुनिश्चित करके अपना पेशेवरपन और प्रतिबद्धता दिखाते रहेंगे।।’’

नजमुल ने इससे पहले पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को ‘भारत का एजेंट’ बताया था जब उन्होंने भारत के साथ गतिरोध को संयम से संभालने की बात कही थी और चेतावनी दी थी कि आज लिए गए फैसलों का असर 10 साल तक दिखेगा।

बांग्लादेश क्रिकेटर्स वेलफेयर संघ (बीडब्ल्यूएबी) ने कहा था कि नजमुल का बयान ‘पूरी तरह से निंदनीय’ है।

भाषा सुधीर नमिता

नमिता