आंध्र के खिलाफ पारी की जीत से बंगाल रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में

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आंध्र के खिलाफ पारी की जीत से बंगाल रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में

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  • Publish Date - February 10, 2026 / 04:45 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 04:45 PM IST

कल्याणी (पश्चिम बंगाल), 10 फरवरी (भाषा) सुदीप कुमार घरामी के 299 रन की बड़ी पारी की मदद से पहली पारी में विशाल स्कोर बनाने वाले बंगाल ने मंगलवार को यहां आंध्र को पारी और 90 रन से करारी शिकस्त देकर रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

आंध्र की पहली पारी के 295 रन के जवाब में बंगाल ने अपनी पहली पारी में 629 रन बनाकर 334 रन की बड़ी बढ़त हासिल की थी। आंध्र की टीम दूसरी पारी में केवल 244 रन ही बना सकी।

बंगाल 15 फरवरी को होने वाले सेमीफाइनल में जम्मू कश्मीर से भिड़ेगा जबकि दूसरा सेमीफाइनल कर्नाटक और उत्तराखंड के बीच खेला जाएगा।

आंध्र ने खेल के पांचवें और अंतिम दिन अपनी दूसरी पारी तीन विकेट पर 64 रन से आगे बढ़ाई। यह पहले ही तय हो चुका था कि वह सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाएगा लेकिन उसका लक्ष्य सीधी हार से बचना था जिसमें वह नाकाम रहा।

बंगाल के गेंदबाजों ने बाएं हाथ के स्पिनर शाहबाज अहमद की अगुवाई में आंध्र के बल्लेबाजों को नहीं चलने दिया। शाहबाज ने 72 रन देकर चार विकेट जबकि सूरज सिंधु जायसवाल ने दो विकेट लिए। आकाश दीप, सुमंता गुप्ता और अनुस्तुप मजूमदार ने एक-एक विकेट हासिल किया।

भारतीय टीम से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने आंध्र की दूसरी पारी में केवल तीन ओवर ही किए। शमी ने 53 रन बनाकर बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया था।

आंध्र के लिए नीतीश कुमार रेड्डी ही एकमात्र उम्मीद की किरण थे, क्योंकि इस भारतीय ऑलराउंडर ने दृढ़ता से बल्लेबाजी करते हुए 144 गेंदों में सात चौकों और दो छक्कों की मदद से 90 रन बनाए।

बंगाल को दोबारा बल्लेबाजी कराने के लिए आंध्र को दिन के शुरू में 270 रन की जरूरत थी, जिसके लिए रेड्डी और रिकी भुई (30) के बीच साझेदारी की जरूरत थी, लेकिन शाहबाज ने भुई को जल्द ही पवेलियन भेज दिया। वह अपने कल के स्कोर में केवल 12 रन ही जोड़ सके।

शाहबाज ने इसके बाद सौरभ कुमार और नीतीश कुमार रेड्डी को भी आउट किया। त्रिपुराना विजय (46) और कालिदिंडी राजू (25) ने कुछ रन बनाए लेकिन वे केवल हार का अंतर ही कम कर पाए।

विकेटकीपर-बल्लेबाज केएस भरत चोट के कारण बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे।

भाषा

पंत नमिता

नमिता