नयी दिल्ली, दस फरवरी (भाषा) नीति आयोग ने मंगलवार को भारत के ‘शुद्ध शून्य 2070’ लक्ष्य को पूरा करने के लिए मॉडल शिफ्ट (परिवहन के तरीकों में बदलाव) और शून्य उत्सर्जन वाहनों के साथ ही स्वच्छ ईंधन एवं प्रौद्योगिकियों की मदद से परिवहन क्षेत्र को कार्बन मुक्त करने पर जोर दिया है।
सरकारी शोध संस्थान ने एक रिपोर्ट में कहा कि परिवहन क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था के प्रमुख चालक में एक है। यह देश के ऊर्जा उपयोग और उत्सर्जन में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। वर्ष 2020 में अंतिम ऊर्जा मांग में इसकी हिस्सेदारी 20 प्रतिशत और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में लगभग 10 प्रतिशत थी।
रिपोर्ट के अनुसार, शुद्ध शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को लागू करने के लिए 2070 तक कुल 4.3 लाख करोड़ डॉलर के निवेश की आवश्यकता है, जो इस समय नीति मार्ग के तहत आवश्यक 3.44 लाख करोड़ डॉलर से लगभग 25 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, यह अतिरिक्त निवेश लागत के बोझ के बजाय एक रणनीतिक अवसर है।
भारत में शहरीकरण और यात्रा की मांग बढ़ने के साथ ही इस क्षेत्र में उच्च ईंधन आयात, खराब वायु गुणवत्ता और बढ़ती लॉजिस्टिक लागत का जोखिम बना हुआ है।
भाषा अजय पाण्डेय
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