विम्बलडन खिताब के लिये जोकोविच के अनुभव का सामना बेरेत्तिनी के जोश से

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विम्बलडन खिताब के लिये जोकोविच के अनुभव का सामना बेरेत्तिनी के जोश से

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  • Publish Date - July 10, 2021 / 08:09 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:42 PM IST

विम्बलडन, 10 जुलाई ( एपी ) अपने कैरियर के 20 ग्रैंडस्लैम पूरे करने की दहलीज पर खड़े नोवाक जोकोविच का सामना विम्बलडन फाइनल में टेनिस के नये सितारे मातेओ बेरेत्तिनी से होगा तो उनके अपार अनुभव को इटली के इस खिलाड़ी के जोश से कड़ी चुनौती मिलेगी ।

जोकोविच अगर यह खिताब जीत लेते हैं तो रोजर फेडरर और रफेल नडाल के समान उनके 20 ग्रैंडस्लैम हो जायेंगे जो पुरूष टेनिस में रिकॉर्ड है ।

दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जोकोविच ने कहा ,‘‘ यह बहुत बड़ी बात होगी और मैं यही करने के लिये खेल रहा हूं ।’’

उम्र में अपने से 12 साल छोटे बेरेत्तिनी से भिड़ने से पहले जोकोविच ने सेमीफाइनल में डेनिस शापोवालोव को 7 . 6, 7 . 5, 7 . 5 से हराया । दूसरी ओर बेरेत्तिनी ने दुनिया के 14वें नंबर के खिलाफ ‘जाइंट किलर’ हुबर्ट हुरकाज को 6 . 3, 6 . 0, 6 . 7, 6 . 4 से मात दी । हुरकाज ने क्वार्टर फाइनल में रोजर फेडरर को हराया था ।

सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान बेरेत्तिनी के समर्थन में आल इंग्लैंड क्लब पर ‘वेइ ’ ( गो ), फोरजा ( लेट्स गो ) और अंदियामो, आमोरे मियो ( लेट्स गो माय लव ) जैसे इटली भाषा में नारे भी सुनाई दिये । वह 45 साल में किसी ग्रैंडस्लैम फाइनल में पहुंचने वाले इटली के पहले खिलाड़ी हैं ।

जोकोविच पांच बार विम्बलडन जीत चुके हैं जबकि नौ बार आस्ट्रेलियाई ओपन, तीन बार अमेरिकी ओपन और दो बार फ्रेंच ओपन खिताब अपने नाम कर चुके हैं ।

इस साल उन्होंने आस्ट्रेलिया ओपन और फ्रेंच ओपन जीता । रोलां गैरो पर क्वार्टर फाइनल में बेरेत्तिनी को ही हराया था । अगर वह यहां जीतते हैं तो एक कैलेंडर वर्ष में चार में से तीन ग्रैंडस्लैम उनके नाम होंगे ।

आखिरी बार 1969 में रॉड लावेर ने एक साल में चारों ग्रैंडस्लैम जीते थे ।

बेरेत्तिनी ने कहा ,‘‘ मेरा काम अभी पूरा नहीं हुआ है । मैं ट्रॉफी जीतने के लिये ही आया हूं ।’’

एपी

मोना

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