(जी उन्निकृष्णन)
चेन्नई, नौ सितंबर (भाषा) दक्षिण क्षेत्र के कप्तान तिलक वर्मा ने 99 रन की पारी खेली लेकिन पूर्व क्षेत्र ने दूसरी पारी में अपने कप्तान इशान किशन के 80 रन की बदौलत बुधवार को यहां दलीप ट्रॉफी फाइनल के चौथे दिन खिताब लगभग तय कर लिया।
तिलक की 211 गेंद में 99 रन की पारी के बावजूद दक्षिण क्षेत्र की टीम पूर्व क्षेत्र के पहली पारी के 708 रन के जवाब में 336 रन पर सिमट गई। पूर्व क्षेत्र ने इस तरह 372 रन की बढ़त हासिल की।
पूर्व क्षेत्र ने दक्षिण क्षेत्र को फॉलोआन नहीं देकर दूसरी पारी में स्वयं खेलने का फैसला किया और पांच विकेट पर 212 रन बनाकर अपनी कुल बढ़त को 584 रन तक पहुंचाया। दिन का खेल खत्म होने पर कुमार कुशाग्र 34 जबकि कोनेन कुरैशी 26 रन बनाकर खेल रहे थे। दोनों छठे विकेट के लिए 52 रन की अटूट साझेदारी कर चुके हैं।
कल मैच का आखिरी दिन है और पहली पारी में विशाल बढ़त की बदौलत पूर्व क्षेत्र का खिताब जीतना लगभग तय हो गया है।
पहली पारी में 270 रन बनाने वाले किशन अपनी 98 गेंद की पारी के दौरान पूरी तरह से सहज दिखे। उन्होंने पारी की शुरुआत ऑफ स्पिनर त्रिपुराना विजय पर मिड विकेट के ऊपर से छक्का लगाकर की। उन्होंने 26वें ओवर में विजय की लगातार गेंदों पर दो चौके और दो छक्के भी मारे।
इससे कुछ ही क्षण पहले डीआरएस ने किशन को बचा लिया था। उन्होंने शिखर मोहन (52) के साथ तीसरे विकेट के लिए 146 रन की साझेदारी की। मैदानी अंपायर रोहन पंडित ने लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल की अपील पर किशन को पगबाधा आउट दिया लेकिन डीआरएस लेने पर उन्हें फैसला बदलना पड़ा।
चाय के बाद किशन अपनी लय बरकरार नहीं रख सके और जल्द ही आउट हो गए। उन्होंने तेज गेंदबाज एमडी निधीश की गेंद पर देवदत्त पडिक्कल को कैच थमाया।
इससे चेपक में मौजूद दर्शक किशन का एक और शतक नहीं देख सके। उन्हें वैभव सूर्यवंशी के जल्दी आउट होने से भी निराशा हुई।
छह रन के निजी स्कोर पर विजय की पगबाधा की अपील से डीआरएस के जरिए बचने वाले सूर्यवंशी बड़ी पारी नहीं खेल सके। उन्हें इसी गेंदबाज की गेंद पर नारायण जगदीशन ने स्टंप कर दिया।
इससे पहले दर्शकों को तिलक का भी शतक देखने को नहीं मिला जो कल के 56 रन के स्कोर से आगे खेलने उतरे थे।
दिन की शुरुआत छह विकेट पर 242 रन से करने वाली दक्षिण क्षेत्र की टीम उनकी पारी की बदौलत 300 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहा।
हैदराबाद के तिलक ने दूसरे छोर पर विकेट गिरने के बावजूद रक्षात्मक रवैया नहीं छोड़ा। अंततः आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में वह ऑफ स्पिनर कुरैशी को वापस कैच दे बैठे।
श्रीलंका दौरे के बाद से मोहम्मद सिराज अपने पुराने आक्रामक अंदाज की छाया मात्र नजर आ रहे थे। वह अक्सर छोटे रन अप के साथ गेंदबाजी कर रहे थे और उनकी गति भी कम दिख रही थी।
पूर्व क्षेत्र की दूसरी पारी में हालांकि सिराज अपनी पुरानी धार वापस हासिल करते नजर आए।
गेंद की बढ़ी हुई स्विंग, सटीकता और सही लेंथ से सिराज ने लगातार बल्लेबाजों को परेशान किया।
आखिरकार उन्हें सफलता मिली जब पूर्व क्षेत्र के सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन ने उनकी गेंद पर स्लिप में पडिक्कल को कैच थमाया।
भाषा सुधीर नमिता
नमिता