संभल (उप्र), नौ सितंबर (भाषा) संभल से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने उत्तर प्रदेश सरकार पर मस्जिदों, मदरसों और कब्रिस्तानों को निशाना बनाने का ‘एक-सूत्रीय कार्यक्रम’ चलाने का आरोप लगाते हुए सहारनपुर में हाल ही में एक मस्जिद को ढहाये जाने को लेकर अधिकारियों की आलोचना की।
बर्क ने बुधवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि सरकार महंगाई, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा या गरीबों के लिए सेवाओं पर ध्यान देने के बजाय इस सोच के साथ मुसलमानों को ‘परेशान’ कर रही है कि इससे उन्हें चुनाव जीतने में मदद मिलेगी।
सहारनपुर कचहरी में करीब 100 साल पुरानी एक मस्जिद गत पांच सितंबर को अधिकारियों ने यह कहते हुए गिरा दी थी कि वह सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके बनवायी गयी थी। विपक्षी नेताओं और मस्जिद की देखभाल करने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किये बगैर प्रशासन ने इस मस्जिद को निशाना बनाया।
बर्क ने सहारनपुर में मस्जिद को गिराये जाने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वह मस्जिद 119 साल पुरानी थी और इससे संबंधित दस्तावेज भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा, ”मैं पूछना चाहता हूं कि अधिकारियों ने कब से न्यायपालिका की भूमिका निभानी शुरू कर दी है?’
बर्क ने आरोप लगाया कि साजिशन की जाने वाली शिकायतों के बाद मुस्लिम धार्मिक स्थलों के खिलाफ जल्दबाजी में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को कानून के दायरे में रहकर और संविधान के अनुसार काम करना चाहिए, क्योंकि उन्होंने नौकरी शुरू करने से पहले न्याय सुनिश्चित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कानून के शासन को बनाए रखने की शपथ ली थी।
बर्क ने सम्भल और मुरादाबाद में कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय की सम्पत्तियों के खिलाफ जारी किए जा रहे नोटिस की भी आलोचना की और ऐसी कार्रवाई को ‘पूरी तरह गलत’ बताया।
उन्होंने कहा, ”मैं उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देता हूं कि वे कानून के दायरे में रहकर काम करें, अन्यथा हम अदालत में कानूनी तौर पर और मजबूती से आपसे लड़ेंगे।”
सपा सांसद ने कहा, ”हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक हमें अदालतों से न्याय नहीं मिल जाता और गलत काम करने वाले अधिकारियों को सजा नहीं मिल जाती।”
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आने के बीच मस्जिदों और मुसलमानों से जुड़ी अन्य इमारतों के खिलाफ कार्रवाई की घटनाओं का सिलसिला शुरू होने की खबरों के बारे में बर्क ने कहा कि सरकार मस्जिदों, मदरसों और कब्रिस्तानों को निशाना बनाने का ‘एक-सूत्रीय कार्यक्रम’ चला रही है।
सांसद ने सवाल किया कि मस्जिद को गिराने से सहारनपुर के निवासियों को क्या फायदा होगा। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या इससे नौकरियां मिल जाएंगी, स्कूल, कॉलेज या अस्पताल बन जाएंगे?
बर्क ने कहा कि वह ऐसी हरकतों की निंदा करते हैं। उन्होंने दावा किया कि हिंदू समुदाय के धर्मनिरपेक्ष लोग भी अब इनके खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं।
भाषा सं. सलीम अमित
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