बैंकॉक, 16 मई (भाषा) थाईलैंड ओपन सुपर 500 के सेमीफाइनल में करीबी जीत दर्ज करने के बाद सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने कहा कि बरसों से चोटों से जूझते रहने और नाकामियों ने उन्हें मानसिक तौर पर दृढ बना दिया है ।
दुनिया की पूर्व नंबर एक बैडमिंटन जोड़ी सात्विक और चिराग ने यहां 2019 और 2024 में खिताब जीता था ।
एशियाई खेल चैम्पियन इस भारतीय जोड़ी को सात्विक के कंधे की चोट के कारण एशियाई चैम्पियनशिप और स्विस ओपन जैसे टूर्नामेंटों से नाम वापिस लेना पड़ा था ।
सात्विक ने बीडब्ल्यूएफ से कहा ,‘‘ अब हमें इसकी आदत हो गई है । एक दौर था जब हमें लगता था कि ऐसा क्यो हो रहा है लेकिन बाद में समझ में आया कि खेल में यह होगा ही ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ हम काफी आक्रामक खेलते हैं तो चोट तो लगेगी ही । मैने अब इनसे निपटना सीख लिया है । इससे सामंजस्य बिठाना, संयम रखना और एक दूसरे का साथ देना अहम है । जब मैं पूरी तरह से फिट नहीं हूं तो मेरा जोड़ीदार मेरा पूरा साथ देता है । कोच भी चोटों से बखूबी निपटते हैं ।’’
सात्विक ने थॉमस कप 2022 में भारत की ऐतिहासिक जीत को टीम की मानसिकता बदलने और आत्मविश्वास बढाने का श्रेय दिया ।
उन्होंने कहा ,‘‘ मैं थॉमस कप (डेनमार्क) के दौरान खिलाड़ियों से कहता था कि एक बार पोडियम पर रहने से किसी की जिंदगी बदल सकती है । हमारे साथ भी 2022 थॉमस कप के बाद यही हुआ । उसके बाद हमने मुड़कर नहीं देखा । हमारी सोच बदल गई और हम अधिक आत्मविश्वास के साथ खेलने लगे ।’’
भाषा मोना नमिता
नमिता