राष्ट्रमंडल खेल: तीसरे दिन भारतीय मुक्केबाज सचिन और महिला लॉन बॉल्स जोड़ी का शानदार प्रदर्शन
राष्ट्रमंडल खेल: तीसरे दिन भारतीय मुक्केबाज सचिन और महिला लॉन बॉल्स जोड़ी का शानदार प्रदर्शन
(अपराजिता उपाध्याय)
ग्लास्गो, 25 जुलाई (भाषा) भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों के तीसरे दिन शनिवार को मुक्केबाज सचिन सिवाच ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर पुरुष 60 किग्रा के प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया जबकि लॉन बॉल्स महिला पेयर्स में रूपा रानी टिर्की और पिंकी सिंह ने लगातार तीसरी जीत हासिल कर सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाया।
शुक्रवार को झंडू कुमार ने पुरुषों की हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का पदकों का खाता खोला था।
भारत के प्रबल पदक दावेदारों में शामिल मुक्केबाज सचिन ने कनाडा के अपने परिचित प्रतिद्वंद्वी केओमा अल-अहमदीह पर 4-1 के विभाजित फैसले में जीत दर्ज की। भिवानी के 26 वर्षीय मुक्केबाज का सामना अब अंतिम-16 में इंग्लैंड के विलियम हेविट से होगा।
जीत के बाद सचिन ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह मुकाबला काफी कठिन था, लेकिन मैं उसे पहले दो बार हरा चुका था, इसलिए मुझे खुद पूरा भरोसा था। ‘आज उसे हराना मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण था क्योंकि यह राष्ट्रमंडल खेलों का मुकाबला था। ’’
रूपा और पिंकी की भारतीय जोड़ी ने अपना दबदबा बरकरार रखते हुए महिला पेयर्स के सेक्शन बी में तीसरे राउंड में टोंगा की पेरिस बेकर और मिलिका नाथन को टाई-ब्रेकर में 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाने की अपनी उम्मीदें जीवंत रखा।
रूपा और पिंकी ने पहला सेट 5-2 से जीता। टोंगा ने पहले ‘‘एंड’’ में 1-0 की बढ़त बना ली। भारत ने दूसरे ‘‘एंड’’ में रूपा (लीड) और पिंकी (स्किप) के बीच बेहतरीन तालमेल के जरिए वापसी की। इससे भारत दूसरे ‘‘एंड’’ में आगे हो गया और स्कोर 1-1 से बराबर हो गया। पहले सेट में अभी तीन ‘‘एंड’’ बाकी थे। भारत ने अपना दबदबा बनाए रखा और पहला सेट 5-2 से जीत लिया।
हालांकि टोंगा ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा सेट 6-4 से जीता और मैच को टाई-ब्रेकर तक पहुंचाया। बेकर और नाथन के बेहतरीन खेल की बदौलत उसने 6-0 की बढ़त बना ली थी।
रूपा और पिंकी ने वापसी की पूरी कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाईं। लेकिन टाई-ब्रेकर में भारतीय खिलाड़ियों ने चुनौती का डटकर सामना किया। रूपा ने टीम को आगे किया और पिंकी ने जीत पक्की की। अब रविवार को रूपा और पिंकी का सामना चौथे राउंड में नामीबिया की प्रतिद्वंद्वियोंसे होगा।
महिला पेयर्स के सेक्शन बी में भारत और इंग्लैंड दोनों ने तीन-तीन मैच खेले हैं और तीनों जीते हैं। लेकिन इंग्लैंड आगे है क्योंकि उसने भारत के मुकाबले एक सेट ज्यादा जीता है।
पुरुष एकल के सेक्शन डी के तीसरे राउंड में भारत के पुतुल सोनोवाल ने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया, लेकिन मलेशिया के इज्जत शमीर जुल्केप्ले से 0-2 (4-8, 8-9) से हार गए।
असम पुलिस अधिकारी सोनोवाल (43 वर्ष) ने बृहस्पतिवार को पहले राउंड में मौजूदा विश्व चैंपियन कनाडा के रयान बेस्टर को हराकर उलटफेर किया था। इसके बाद उन्होंने दूसरे राउंड में सेसिल अलेक्जेंडर को कड़े मुकाबले में टाई-ब्रेकर में हराया था।
इस हार के बावजूद सोनोवाल सेक्शन डी की अंकतालिका में दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। अब रविवार को उनका सामना माल्टा के शॉन जेम्स पार्निस से होगा।
तैराकी में भारतीयों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा जिसमें धक्षन शशिकुमार और आर्यन नेहरा दोनों ही पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके।
शशिकुमार ने ‘टोलक्रॉस स्विमिंग सेंटर’ में आयोजित 400 मीटर फ्रीस्टाइल की हीट में 27 तैराकों के बीच 3:58.09 मिनट का समय लेकर 15वां जबकि आर्यन नेहरा ने 4:00.26 मिनट के साथ 16वां स्थान हासिल किया।
भारत को व्हीलचेयर महिला 3×3 बास्केटबॉल प्रतियोगिता के ग्रुप बी मैच में वेल्स से 1-16 से करारी हार का सामना करना पड़ा। पूरे मैच में वेल्स का दबदबा रहा जबकि भारत अपनी 12 कोशिशों में से सिर्फ एक पर ही अंक जुटा पाया। अब अपनी उम्मीदें बनाए रखने के लिए भारत ग्रुप चरण के बाकी मैच में वापसी करने की कोशिश करेगा।
रविवार का दिन भारत के लिए काफी रोमांचक हो सकता है क्योंकि ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू से राष्ट्रमंडल खेलों में अपना खिताब आसानी से बरकरार रखने की उम्मीद है। रविवार से भारोत्तोलन प्रतियोगिता शुरू हो रही है और भारत इन खेलों में अपने शानदार रिकॉर्ड को और मजबूत करने की कोशिश करेगा। हालांकि, टीम के सामने डोपिंग विवादों से प्रभावित तैयारी को पीछे छोड़ने की चुनौती होगी।
प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही भारत की पदक उम्मीदों को झटका लगा, जब डोपिंग उल्लंघनों के कारण भारतीय भारोत्तोलन दल के खिलाड़ियों की संख्या 16 से घटकर 11 रह गई। 96 किग्रा वर्ग के दिलबाग सिंह को बाहर किए जाने के बाद टीम और कमजोर हो गई।
इसके बावजूद भारत अब भी एक मजबूत बना हुआ है। इसका एक कारण पारंपरिक रूप से मजबूत प्रतिद्वंद्वी चीन और उत्तर कोरिया की अनुपस्थिति भी है।
भाषा नमिता
नमिता

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